नागपुर सेंट्रल जेल में कार्यरत एक सिपाही को कैदियों के लिए चरस ले जाते हुए गेट पर ही जांच के दौरान पकड़ लिया गया। 39 ग्राम चरस के साथ पकड़े गए सिपाही का नाम विकास सहारे है। उसके पास से सेलो टेप के साथ बंधी हुई करीब करीब 25 नशे की गोलियां, 5 सर्जिकल ब्लेड भी मिले। सिपाही को धंतोली पुलिस ने मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है।
जेल विभाग में हड़कंप
सिपाही को पिछले साल ही सुरक्षा व्यवस्था में शामिल किया गया था, इस घटना से जेल विभाग में भी खलबली मच गई है। अब तक तो अपराधी ही इस तरह की गतिविधियों में सक्रिय थे, लेकिन सिपाही के इस कृत्य से पूरा विभाग सकते में है।
कैसे पकड़ में आया सिपाही?
जानकारी के अनुसार 23 जुलाई की सुबह नागपुर सेंट्रल जेल के मुख्य प्रवेश द्वार पर नियमित जांच की जा रही थी। जेल के मुख्य द्वार पर हर अधिकारी और कर्मचारी की तलाशी ली जा रही थी, इसी दौरान मुख्य द्वार पर तैनात अन्य सुरक्षा रक्षों को विकास की गतिविधियों पर संदेह हुआ। जब इसकी बारीकी से जांच की गई तो उसके अंडरवियर के भीतर सेलो टेप से चिपकाए हुआ एक पैकेट मिला। पैकेट खोलने पर उसमें यह पदार्थ पाए गए।
तलाशी में क्या-क्या मिला?
तलाशी में सिपाही के पास जो 39 ग्राम की चरस बरामद हुई है, उसकी अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 7 ग्राम वजन की नीले रंग की संदिग्ध गोलियां, 5 सर्जिकल ब्लेड और अन्य सामग्री भी जब्त की।
नागपुर की धंतोली पुलिस ने सिपाही के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी सिपाही जेल के अंदर ये नशीले पदार्थ किसके लिए और किस मकसद से ले जा रहा था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति या संगठित गिरोह शामिल है या नहीं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
वहीं, आपको बता दें कि महाराष्ट्र में प्रदर्शनकारी छात्रों को झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देने वाले पुलिसकर्मी को काम से हटा दिया गया है।
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