महाराष्ट्र में प्रदर्शनकारी छात्रों को झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी देने वाले पुलिसकर्मी को काम से हटा दिया गया है। महाराष्ट्र के गृहराज्य मंत्री और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता योगेश कदम ने विपक्ष द्वारा वायरल किए गए पुलिसकर्मी के वीडियो पर कहा कि संबंधित कॉन्स्टेबल/ड्राइवर का व्यवहार पूरी तरह गलत था। सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई कर दी है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मामलों को लेकर संवेदनशील है और उचित कदम उठा रही है। गृह राज्यमंत्री ने बताया कि बुधवार तक महाराष्ट्र में 90 स्थानों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। वीबीए ने कई इलाकों में बंद का ऐलान किया।
योगेश कदम ने कहा कि छात्रों के आंदोलन की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए सरकार और पुलिस सोशल मीडिया पर नजर रखे हुए हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
डिजिटल नोटिस के आरोप झूठे
डिजिटल नोटिस भेजने और आंदोलनकारियों की लोकेशन ट्रैक करने के आरोपों पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई सच्चाई नहीं है। सरकार किसी की अवैध निगरानी नहीं कर रही है। जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, उनके खिलाफ केवल कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जा रही है।
कांग्रेस ने शेयर किया था वीडियो
कांग्रेस ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो की जांच की मांग की। इस वीडियो में कथित तौर पर मुंबई का एक पुलिसकर्मी छात्र प्रदर्शनकारियों को ड्रग्स के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देता दिखाई दे रहा है। पार्टी ने इस घटना को "खाकी में गुंडागर्दी" करार दिया। इस वीडियो में कथित तौर पर एक पुलिस वाहन चालक विद्यार्थियों को यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि यदि उन्होंने प्रदर्शनों में हिस्सा लिया तो उन्हें ड्रग्स के झूठे मामलों में फंसा दिया जाएगा और उन्हें पूरी जिंदगी जेल में बितानी पड़ेगी। मुंबई कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "यदि यह सच है तो यह केवल छात्रों को डराने की कोशिश नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। अपनी आवाज उठाना कोई अपराध नहीं है। विद्यार्थियों के सवालों का जवाब जवाबदेही के साथ दिया जाना चाहिए, धमकियों के साथ नहीं।"
ड्रग्स कहां से लाएगी पुलिस- कांग्रेस
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जारी एक बयान में कहा, "ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं कि पुलिस यह धमकी दे रही है कि 'अगर आंदोलन में हिस्सा लिया तो तुम्हारी जेब में 50 ग्राम मादक पदार्थ डालकर तुम्हें जेल भेज देंगे।' विद्यार्थियों की आवाज दबाने के लिए इस स्तर तक गिरकर किया जा रहा दमन लोकतंत्र पर एक काला धब्बा है।" कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि पुलिस छात्र प्रदर्शनकारियों को मादक पदार्थ के झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रही है और कह रही है कि उनके पास मादक पदार्थ रखकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने इसे "खाकी में गुंडागर्दी" बताते हुए दावा किया कि ऐसा आचरण ब्रिटिश शासन के दौरान देखी गई घटनाओं से भी बदतर है। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि ऐसी धमकियां वास्तव में दी जा रही हैं तो इस बात की जांच कराई जाए कि पुलिस मादक पदार्थ कहां से लाएगी।
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