मुंबई: शिवसेना UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे ने ऑपरेशन टाइगर समेत तमाम मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। उद्धव ठाकरे ने ऑपरेशन टाइगर को लेकर कहा कि शेर का ऑपरेशन करने वाला अभी कोई पैदा नहीं हुआ है। जब हम शेर के बाघ निकालेंगे, तो ये लोग भाग जाएंगे।
VHP की मांग पर निशाना साधा
नवरात्रि के गरबा में मुसलमानों की एंट्री पर पाबंदी और हिंदुओं से टीका लगाकर आने की VHP की मांग पर भी उद्धव ठाकरे ने निशाना साधा। उद्धव ठाकरे ने कहा, "ये सब गोमूत्रधारी हिंदू हैं। ये पहले नहीं थे, लेकिन आज नई-नई मांगें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब ये लोग नहीं थे, तब से हम त्योहार मनाते आ रहे हैं। ये अभी आए हैं और इनके आने से पहले से ही हम त्योहार मनाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये सिर्फ गोमूत्रधारी हिंदू हैं और यही इनका हिंदुत्व है।"
इसके अलावा उद्धव ठाकरे ने सरकार पर त्योहारों के दौरान दंगा भड़काने की साजिश की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि गणपति से पहले दो हादसे हो चुके हैं। मुंबई जैसे शहर में बाहर से कोई आता है, गलत हरकत करके चला जाता है और किसी को पता तक नहीं चलता। सरकार कोई कदम क्यों नहीं उठाती?
राष्ट्रीय पुरस्कार गुजरात में शिफ्ट करने पर सवाल
उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रीय पुरस्कारों को दिल्ली से गुजरात में शिफ्ट किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता क्या देश के शहर नहीं हैं? गुजरात और देश के बीच दीवार क्यों खड़ी की जा रही है? उन्होंने आरोप लगाया कि इसके पीछे राजनीति की जा रही है।
UBT पार्षदों पर कार्रवाई को लेकर सवाल
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि शिवसेना UBT के पार्षदों के जाति प्रमाणपत्र के नाम पर उनके पद रद्द किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 16 लोगों ने शिंदे गुट के खिलाफ याचिका दाखिल की है और उनकी याचिकाओं पर फैसले हो रहे हैं। लेकिन UBT शिवसेना ने शिंदे गुट के खिलाफ जो याचिकाएं दाखिल की हैं, उन पर कोई फैसला नहीं हो रहा। उन्होंने सवाल किया कि यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है?
दिल्ली बिल्डिंग हादसे पर सरकार को घेरा
दिल्ली में इमारत गिरने से हुई मौतों पर उद्धव ठाकरे ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार तो हो ही रहा है और अब सरकार वहां बीजेपी की है, फिर ऐसे हादसे क्यों हो रहे हैं?
उन्होंने सवाल किया कि क्या जर्जर इमारतों का कोई इंस्पेक्शन नहीं किया गया? क्या उनकी कोई लिस्ट नहीं बनाई गई? क्या समय रहते कोई कदम नहीं उठाए गए? उन्होंने कहा कि इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए।
इससे पहले उद्धव तब चर्चा में आए थे, जब उन्हें झटका लगा था और बागी सांसदों को शिंदे गुट में जाने की मान्यता मिली थी।
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