अगर आप दिल्ली में गाड़ी चलाते हैं तो अब ट्रैफिक नियमों को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। दिल्ली सरकार ट्रैफिक नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। नए नियम के तहत गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन करने पर ड्राइविंग लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित किया जाएगा। इतना ही नहीं, लाइसेंस दोबारा चालू कराने के लिए दो दिन की अनिवार्य ट्रेनिंग और काउंसिलिंग भी करनी होगी।
हिन्दुस्तान अखबार में छपी खबर के अनुसार, परिवहन विभाग ने इसकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं और मंजूरी मिलते ही इसे लागू किया जा सकता है। परिवहन विभाग के अनुसार पहले ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की अवधि तीन महीने थी, जिसे बाद में बढ़ाकर छह महीने कर दिया गया। लेकिन इसके बावजूद कई वाहन चालकों के व्यवहार में कोई खास बदलाव नहीं आया। कई लोग बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ते रहे और सिर्फ जुर्माना भरकर या निलंबन की अवधि पूरी होने के बाद फिर वही गलती दोहराते रहे।
दो दिन की ट्रेनिंग होगी अनिवार्य
नए नियम के तहत जिन चालकों का लाइसेंस निलंबित होगा, उन्हें लाइसेंस वापस पाने से पहले दो दिन की विशेष ट्रेनिंग और काउंसिलिंग में हिस्सा लेना होगा। इस दौरान एक्सपर्ट्स सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग, दुर्घटनाओं के कारण और जिम्मेदार चालक बनने के बारे में जानकारी देंगे। सरकार का मानना है कि इससे लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव आएगा।
हर दिन 25 से 30 लाइसेंस हो रहे सस्पेंड
राजधानी में तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाना, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और खतरनाक तरीके से वाहन मोड़ने जैसे मामलों में रोजाना औसतन 25 से 30 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली के कई वाहन चालक दूसरे राज्यों में भी ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। अकेले राजस्थान से प्रतिदिन कई मामलों में दिल्ली के लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिशें परिवहन विभाग को भेजी जा रही हैं।
'ट्रैफिक पाठशाला' से बदलने की कोशिश
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस भी लोगों को जागरूक करने के लिए शहर के प्रमुख चौराहों पर 'ट्रैफिक पाठशाला' चला रही है। यहां वाहन चालकों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग के बारे में समझाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है।
सड़क हादसों में आएगी कमी
परिवहन विभाग का मानना है कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और मानवीय लापरवाही के कारण होती हैं। यदि नियम तोड़ने वालों को केवल सजा देने के बजाय सही ट्रेनिंग दी जाए, तो सड़क हादसों में कमी लाई जा सकती है।
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