भारतीय रेल 17 जुलाई को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। ये ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच चलेगी। ये ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल टेक्नोलॉजी से चलेगी, जिससे प्रदूषण लगभग शून्य होगा। इसी बीच, खबर आ रही है कि राजधानी दिल्ली में हाइड्रोजन से चलने वाली बसें शुरू की जा सकती हैं। इन बसों को नगर निगम के कचरे से तैयार किए गए हाइड्रोजन फ्यूल से चलाने पर विचार किया जा रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को ये जानकारी दी।
नगर निगम के कचरे से तैयार हाइड्रोजन से चल सकती हैं दिल्ली की बसें
नितिन गडकरी ने कहा कि भविष्य में दिल्ली की बसें नगर निगम के कचरे से तैयार हाइड्रोजन से चल सकती हैं। बीजेपी दिल्ली की ओर से आयोजित युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए गडकरी ने गाड़ियों द्वारा पानी के इस्तेमाल से हाइड्रोजन बनाने और फिर उससे गाड़ियां चलाने जैसे दृष्टिकोण से अवगत कराया। गडकरी ने कहा, ''लोगों ने पूछा है कि ये कैसे होगा। क्या पिछले 50 साल में ऐसा कभी हुआ है कि मेरी कोई भविष्यवाणी सच न हुई हो?''
एक्सप्रेसवे बनाने में किया जा चुका है 80 लाख टन कचरे का इस्तेमाल
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि दिल्ली के वेस्ट डिस्पोजल साइट से निकले करीब 80 लाख टन कचरे का इस्तेमाल पहले ही एक्सप्रेसवे निर्माण में किया जा चुका है। इसके साथ ही उन्होंने साल 2027 तक देशभर से कचरे के ढेर समाप्त करने की योजना का भी उल्लेख किया। गडकरी ने कहा, ''इस कचरे को अलग किया जाएगा और बायो-डाइजेस्टर के जरिये हाइड्रोजन बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा। दिल्ली में बसें इसी से चलेंगी। ये सब मुमकिन है।''
सिर्फ 5 रुपये में कर सकेंगे हाइड्रोजन ट्रेन की सवारी
बताते चलें कि भारतीय रेल, देश की पहली हाइड्रोजन चलाने की पूरी तैयारियां कर चुका है। इसे भारत के ग्रीन ट्रांसपोर्ट मिशन और मेक इन इंडिया अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। रेलवे ने इस ट्रेन का किराया भी काफी कम रखा है। जींद और सोनीपत के बीच चलाई जाने वाली देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का किराया सिर्फ 5 रुपये से शुरू होगा और अधिकतम किराया 25 रुपये होगा। ये ट्रेन लगभग 90 किलोमीटर की दूरी सिर्फ एक घंटे में पूरी करेगी। अभी यही सफर DEMU ट्रेन से करीब दो घंटे में पूरा होता है। हाइड्रोजन ट्रेन में करीब 2500 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी।
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