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PMO की चिट्ठी सोशल मीडिया पर डालने वाला अधिकारी हुआ निलंबित, फर्जी खबरों को मिल रहा था बल

एनएचएआई व्यापक रूप से परियोजनाओं का विस्तार कर रहा है और पिछले कुछ साल से क्रियान्वयन की गति बढ़ा रहा है।

Transport department official suspended over PMO letter on social media- India TV Paisa Image Source : NITIN GADKARI Transport department official suspended over PMO letter on social media

मुंबई। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से राजमार्ग परियोजनाओं के विषय में आई एक चिट्ठी को सोशल मीडिया पर डालने को लेकर सड़क विभाग के एक अधिकारी को निलंबित किया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने यहां संवाददाताओं से कहा कि इस पत्र को सोशल मीडिया पर डालने से इस आशय की फर्जी और गुमराह करने वाली खबरें आई हैं कि पीएमओ ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की वित्तीय समस्याओं को लेकर चिंता जताई है।

एनएचएआई व्यापक रूप से परियोजनाओं का विस्तार कर रहा है और पिछले कुछ साल से क्रियान्वयन की गति बढ़ा रहा है। मंत्रालय ने परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर वित्त पोषण के नए मॉडल का विकास किया है। इन परियोजनाओं के विकास से अर्थव्यवस्था को मदद मिल रही है।

गडकरी ने कहा कि किसी व्यक्ति ने 1,300 पन्नों की चिट्ठी लिखी, जिसमें सड़क परियोजनाओं पर कुछ सुझाव थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर उनके प्रधान सचिव नृपेन्द्र मिश्र ने उसपर विचार के लिए नौ सचिवों को भेजा। इसमें सड़क विभाग के सचिव भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि हमारे अधिकारियों में से एक ने पत्र की तस्वीर सोशल मीडिया पर डाल दी जिससे कई फर्जी खबरें प्रकाशित हुई। हमने संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया है।

मंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री और पीएमओ का एनएचएआई में पूरा भरोसा है और परियोजनाओं की संख्या बढ़ाने को कहा है। इसी प्रकार की चीजें वित्त मंत्रालय से आ रही हैं जो धीमी पड़ रही आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिए सड़क परियोजनाओं के प्रभाव पर गौर कर रहा है। गडकरी ने कहा कि धन की कोई कमी नहीं है और वह साल के अंत तक 5 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं की घोषणा करेंगे।

मंत्री ने कहा कि वह जल्दी ही एनएचएआई की 450 परियोजनाओं की सूची बनाएंगे और जमीन अधिग्रहण, निर्माण लागत का आकलन करेंगे। साथ ही इस बात पर गौर किया जाएगा कि क्या उसके पास जरूरी नियामकीय मंजूरी है। इन परियोजनाओं पर तभी कदम बढ़ाया जाएगा जब सभी चीजें दुरुस्‍त होंगी। संसाधन जुटाने के सवाल के पर उन्होंने कहा कि कोई अतिरिक्त राजकोषीय समर्थन नहीं मांगा गया है।

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