आंध्र प्रदेश में निवेशकों की बंपर वापसी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की अगुवाई में राज्य ने गुरुवार को ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसे देश की आर्थिक दुनिया लंबे समय तक याद रखेगी। सिर्फ एक दिन में सरकार ने 35 बड़े समझौतों (MoUs) पर साइन कर 3.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 1.26 लाख नए रोजगार का रास्ता साफ कर दिया। यह सब 14-15 नवंबर को विशाखापट्टनम में होने वाले 30वें CII पार्टनरशिप समिट से पहले हुआ है।
सरकार की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, इन समझौतों में घरेलू और विदेशी दोनों कंपनियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। खुद मुख्यमंत्री नायडू ने दिनभर में 15 बैठकों में हिस्सा लिया और राज्य को देश का नंबर-1 निवेश गंतव्य बनाने का संकल्प दोहराया।
दुनिया भर के इन्वेस्टर्स ने दिखाई दिलचस्पी
नायडू ने दिन की शुरुआत 'पार्टनर्स इन प्रोग्रेस - इंडिया-यूरोप कॉर्पोरेशन फॉर सस्टेनेबल ग्रोथ’ राउंडटेबल मीटिंग से की और यूरोपीय देशों को आंध्र प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश ग्लोबल मार्केट का “गेटवे” बन सकता है, जिसके पास लॉजिस्टिक्स, पोर्ट्स और ऊर्जा के क्षेत्र में जबरदस्त संभावनाएं हैं। सीएम ने इटली और ताइवान के एंबेसडर्स से भी मुलाकात की। इटली के साथ ऑटोमोबाइल, मशीनरी, फैशन, एनर्जी और फूड प्रोसेसिंग पर साझेदारी की चर्चा हुई। ताइवान के निवेशकों को इलेक्ट्रॉनिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश का आमंत्रण दिया गया।
कौन-कौन कर रहा है निवेश?
- एबीसी क्लीनटेक एंड एक्सिस एनर्जी वेंचर्स - 1.1 लाख करोड़ रुपये
- रीन्यू एनर्जी ग्लोबल पीएलसी - 60,000 करोड़ रुपये
- ईजौल इंडिया जेवी सहित अन्य - 18,000 करोड़ रुपये
एक्सिस एनर्जी वेंचर्स के CEO ने बताया कि सिर्फ उनके प्रोजेक्ट्स से 13,500 नौकरियां पैदा होंगी। वहीं ताइवान की एलीजियन्स ग्रुप ने 50,000 से ज्यादा नौकरियां देने की क्षमता जताई है। नायडू ने कहा कि यह बेहद उत्साहजनक है कि CII समिट के शुरू होने से पहले ही इतने बड़े निवेश आ रहे हैं… गूगल, आर्सेलर मित्तल और BPCL जैसी दिग्गज कंपनियां भी यहां उद्योग लगाने में रुचि दिखा रही हैं।”
ग्रीन एनर्जी और लॉजिस्टिक्स बने राज्यों की सबसे बड़ी ताकत
नायडू ने जोर देकर कहा कि आंध्र प्रदेश में ग्रीन एनर्जी सेक्टर तेजी से उभर रहा है और 1000 किलोमीटर के तटीय क्षेत्र के कारण राज्य भारत का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक्स हब बनने की क्षमता रखता है। सीएम ने विशाखापट्टनम इकोनॉमिक रीजन को ग्लोबल हब बनाने की रिपोर्ट भी जारी की और इसके विकास के लिए नए पदों की घोषणा की।
टारगेट 10 लाख करोड़ का निवेश
दो दिवसीय पार्टनरशिप समिट के दौरान सरकार का टारगेट कुल 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करना है। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन समिट का उद्घाटन करेंगे।
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