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18% की बंपर बढ़ोतरी के साथ मई में 45.2 अरब डॉलर पर पहुंचा देश का निर्यात, कच्चे तेल की वजह से बढ़ा व्यापार घाटा

इस साल मई में देश का आयात सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर तीन महीने के उच्च स्तर 73.41 अरब डॉलर पर पहुंच गया।

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Image Source : PIXABAY भारत के आयात-निर्यात में बढ़ोतरी

देश का निर्यात मई में 18 प्रतिशत बढ़कर 6 महीने के उच्च स्तर 45.2 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के आयात में हुई बढ़ोतरी से व्यापार घाटा 28.21 अरब डॉलर तक बढ़ गया। हालांकि, मासिक आधार पर व्यापार घाटा अप्रैल के 28.38 अरब डॉलर की तुलना में मामूली रूप से कम हुआ है। पिछले साल मई में व्यापार घाटा 21.88 अरब डॉलर था। 

10 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 3 महीने के उच्च स्तर पर आयात

इस साल मई में देश का आयात सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर तीन महीने के उच्च स्तर 73.41 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जिससे पिछले साल की तुलना में व्यापार घाटा और ज्यादा बढ़ गया। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद देश का निर्यात अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि मई के आंकड़े ''सबसे ज्यादा मासिक निर्यात आंकड़ों में से एक'' हैं और रुझान को देखते हुए ये साल निर्यात के लिए अच्छा रहेगा।

किन सेक्टरों ने निर्यात में दिया अहम योगदान 

  1. इलेक्ट्रॉनिक्स
  2. पेट्रोलियम उत्पाद
  3. इंजीनियरिंग से जुड़ी वस्तुएं
  4. औषधि

चालू वित्त वर्ष के शुरुआती दो महीनों में कैसा रहा आयात-निर्यात

चालू वित्त वर्ष के शुरुआती दो महीनों (अप्रैल-मई) में देश का निर्यात 16.09 प्रतिशत बढ़कर 88.91 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 15.14 प्रतिशत बढ़कर 145.35 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। इस दौरान व्यापार घाटा 56.44 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। 

अप्रैल-मई में किन चीजों के आयात में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

वस्तु आयात बढ़ोतरी (प्रतिशत में)
सोना 9.04 अरब डॉलर 60
कच्चा तेल 41.3 अरब डॉलर 16.5

कैसी रही पश्चिम एशिया को भारत के निर्यात की स्थिति

राजेश अग्रवाल ने कहा कि इस साल मई में पश्चिम एशिया को भारत का निर्यात लगभग पिछले साल के समान स्तर पर पहुंच गया, जबकि उस क्षेत्र में कई तरह की बाधाएं बनी रही। भारत का पश्चिम एशिया को निर्यात मई में मामूली रूप से घटकर 5.30 अरब डॉलर रहा, जबकि मई 2025 में ये 5.38 अरब डॉलर था। भारत ने इस क्षेत्र में निर्यात बढ़ाने के लिए ओमान के 3 बंदरगाहों- दुक्म, सोहर और सलालाह का इस्तेमाल किया है। 

अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों का समझौता

ये आंकड़े ऐसे समय आए हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 107 दिनों तक चले युद्ध को समाप्त करने के लिए समझौता होने की घोषणा की है। इस युद्ध से ही वैश्विक ऊर्जा संकट खड़ा हुआ था। अमेरिका-ईरान संघर्ष ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समेत अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्रों में जहाजों की आवाजाही को बुरी तरह प्रभावित किया। इस शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस बीच, सरकारी अनुमान के अनुसार मई में सेवाओं का निर्यात 36.76 अरब अमेरिकी डॉलर और आयात 19.06 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। 

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