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भारत-स्लोवाकिया ने व्यापार और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने का लिया संकल्प, जानें पीएम मोदी की यात्रा से क्या निकले परिणाम

 Edited By: Sunil Chaurasia
 Published : Jun 15, 2026 06:13 pm IST,  Updated : Jun 15, 2026 06:37 pm IST

प्रधानमंत्री मोदी यूरोप की अपनी एक हफ्ते की यात्रा के तहत ब्रातिस्लावा में हैं। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की ये पहली यात्रा है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रॉबर्ट फिको Image Source : HTTPS://X.COM/NARENDRAMODI

भारत और स्लोवाकिया ने सोमवार को अपने संबंधों को 'व्यापक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाने और द्विपक्षीय व्यापार तथा रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। दोनों देशों के बीच ये सहमति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के बीच बातचीत के बाद बनी। दोनों नेता भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को यथाशीघ्र लागू करने की दिशा में काम करने पर भी सहमत हुए। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है। 

1 हफ्ते की यूरोप यात्रा पर हैं पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी यूरोप की अपनी एक हफ्ते की यात्रा के तहत ब्रातिस्लावा में हैं। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की ये पहली यात्रा है। प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया में जारी बयान में कहा, ''हमने अपने संबंधों को 'व्यापक साझेदारी'के स्तर तक ले जाने का फैसला किया है। ये हमारी साझा मान्यताओं, साझा प्राथमिकताओं और साझा भविष्य का प्रतीक है।'' पीएम मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया से मिले सहयोग के लिए फिको के प्रति आभार जताया। 

रक्षा सहयोग के लिए रुचि पत्र को दिया गया अंतिम रूप

पीएम मोदी ने कहा, ''हम इसे जल्द से जल्द लागू करने की दिशा में काम करेंगे ताकि दोनों देशों के उद्योगों, स्टार्टअप और व्यापारियों को इससे ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा सहयोग दोनों पक्षों के बीच 'प्रगाढ़ होते आपसी भरोसे और रणनीतिक तालमेल'' का सबूत है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद रक्षा सहयोग पर एक रुचि पत्र (Letter of Intent) को अंतिम रूप दिया गया। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रॉबर्ट फिको की मुलाकात के क्या निकले परिणाम

  1. भारत और स्लोवाकिया ने लेबर माइग्रेशन (काम के लिए लोगों के आने-जाने) के क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
  2. डिफेंस (रक्षा) के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए।
  3. डिजिटल टेक्नोलॉजीज पर समझौता।
  4. उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता।
  5. ऑडियो-विज़ुअल क्रिएशन पर समझौता।
  6. कोसिसे (Kosice) की टेक्निकल यूनिवर्सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में पहली ICCR चेयर की स्थापना।
  7. क्वांटम कम्युनिकेशन और क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन के क्षेत्र में समझौता।
  8. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरोपैथी, पुणे (आयुष मंत्रालय) और स्लोवाक हेल्थ स्पा पिएस्टनी (Piestany) के बीच समझौता।
  9. स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम, स्कॉलरशिप और रिसर्च सहयोग के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, दिल्ली और स्लोवाक टेक्निकल यूनिवर्सिटी के बीच समझौता।
  10. टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन के बीच पर्यटन सहयोग
  11. इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी (INSA) और स्लोवाक एकेडमी ऑफ़ साइंसेज (SAS) के बीच वैज्ञानिक सहयोग पर समझौता।

दोनों पक्षों के रक्षा उद्योगों को मिलेगी नई गति

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे दोनों पक्षों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को नई गति मिलेगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री फिको ने भारत- यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की प्रशंसा की और इसे अब तक के सबसे ''महत्वाकांक्षी'' व्यापार समझौतों में से एक बताया। उन्होंने कहा, ''स्लोवाकिया न सिर्फ इस समझौते का स्वागत करता है, बल्कि इसे लागू करने के लिए सभी जरूरी और व्यावहारिक कदम भी उठाएगा।'' 

भारत और स्लोवाकिया ने जारी किया संयुक्त बयान

भारत-स्लोवाकिया के एक संयुक्त बयान के मुताबिक स्लोवाक प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 जून, 2026 को स्लोवाक गणराज्य की राजकीय यात्रा की। दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। इस संदर्भ में, भारत ने एक सुधारे गए और विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता के लिए स्लोवाकिया के निरंतर समर्थन की सराहना की। 

पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा

बयान के मुताबिक, दोनों नेताओं ने सीमा-पार आतंकवाद सहित आतंकवाद के सभी रूपों और प्रकारों की स्पष्ट रूप से निंदा की और 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। वे आतंकवाद-रोधी मामलों पर एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने पर सहमत हुए। उन्होंने आतंकवाद से व्यापक और निरंतर तरीके से निपटने के लिए ठोस अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का आह्वान किया। नेताओं ने दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के उच्च-क्षमता वाले क्षेत्रों की पहचान करने और उन्हें बढ़ावा देने में भारत-स्लोवाकिया संयुक्त आर्थिक समिति की भूमिका को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। 

भारत और स्लोवाकिया की तरक्की के लिए संकल्प

उन्होंने स्लोवाकिया के सुविकसित औद्योगिक इकोसिस्टम और भारत के पैमाने, नवाचार इकोसिस्टम और तकनीकी क्षमताओं का लाभ उठाते हुए ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उन्नत विनिर्माण उद्योगों जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार और दोतरफा निवेश को काफी हद तक बढ़ाने के तरीकों का पता लगाने का भी संकल्प लिया, जिसमें विशेष रूप से उच्च-मूल्य-वर्धित सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया।

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