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अदाणी ग्रुप की 5 कंपनियों का SEBI के साथ सेटलमेंट, हिंडनबर्ग रिपोर्ट से जुड़े मामले में ₹1.51 करोड़ में समझौता

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Sep 22, 2026 11:30 pm IST,  Updated : Sep 22, 2026 11:30 pm IST

अदाणी ग्रुप की पांच कंपनियों से जुड़े एक मामले में बाजार नियामक SEBI ने कार्रवाई को सेटलमेंट के जरिए खत्म कर दिया है। यह मामला जनवरी 2023 में अमेरिकी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में उठाए गए कॉरपोरेट गवर्नेंस और नियमों से जुड़े सवालों की जांच से जुड़ा था।

SEBI के सामने अदाणी ग्रुप...- India TV Hindi
SEBI के सामने अदाणी ग्रुप की 5 कंपनियों का केस सेटल Image Source : ANI

अदाणी ग्रुप से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। मार्केट रेगुलेटर SEBI ने ग्रुप की पांच कंपनियों के खिलाफ चल रही एडजुकेशन कार्यवाही को सेटल कर दिया है। यह मामला जनवरी 2023 में अमेरिकी शॉर्ट-सेलिंग फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में उठाए गए कॉरपोरेट गवर्नेंस और नियमों से जुड़े आरोपों की जांच से जुड़ा था। पांचों कंपनियों ने मिलकर करीब ₹1.51 करोड़ की सेटलमेंट राशि जमा की है।

SEBI के सेटलमेंट ऑर्डर के मुताबिक, इस मामले में अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड, अदाणी टोटल गैस लिमिटेड, AWL एग्री बिजनेस लिमिटेड, अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड शामिल हैं। इन कंपनियों की ओर से दी गई सेटलमेंट राशि अलग-अलग रही। अदाणी एंटरप्राइजेज ने ₹76.05 लाख, जबकि अदाणी ग्रीन एनर्जी ने ₹45.50 लाख का भुगतान किया। वहीं अदाणी टोटल गैस, AWL एग्री बिजनेस लिमिटेड और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने ₹9.75-₹9.75 लाख जमा किए।

संबंधित पक्षों के लेनदेन की जानकारी से जुड़ा मामला

SEBI की जांच में कुछ संबंधित पक्षों के बीच हुए लेनदेन (Related Party Transactions) की जानकारी सार्वजनिक नहीं करने और ऑडिट रिपोर्ट से जुड़े कथित नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया था। SEBI के मुताबिक, अदाणी एंटरप्राइजेज ने वित्त वर्ष 2012-13 की अपनी सालाना रिपोर्ट में अपनी सब्सिडियरी अदाणी एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनी वाकोडर इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के बीच हुए कुछ लेनदेन की जरूरी जानकारी नहीं दी थी।इसके अलावा, कंपनी की कुछ ऑडिट और लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट ऐसी ऑडिट फर्म ने साइन की थीं, जिसके पास उस समय वैध पीयर रिव्यू सर्टिफिकेट नहीं था।

2024 में जारी हुआ था SEBI का नोटिस

SEBI ने फरवरी 2024 में इन कंपनियों को शो-कॉज नोटिस जारी कर पूछा था कि कथित उल्लंघनों को लेकर जांच और जुर्माने की कार्रवाई क्यों न की जाए। बाद में कंपनियों ने मामले को बिना तथ्यों या कानूनी निष्कर्षों को स्वीकार या खारिज किए सेटल करने का प्रस्ताव दिया। SEBI की हाई पावर्ड एडवाइजरी कमेटी ने जून 2026 में सेटलमेंट की शर्तों की सिफारिश की थी। इसके बाद 13 अगस्त को SEBI के पूर्णकालिक सदस्यों के पैनल ने इसे स्वीकार किया।

हिंडनबर्ग रिपोर्ट में क्या था?

जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग रिसर्च ने अदाणी ग्रुप पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। रिपोर्ट में कॉरपोरेट गवर्नेंस और फंड रूटिंग से जुड़े सवाल भी उठाए गए थे। हालांकि, सितंबर 2025 में SEBI ने गौतम अदाणी और ग्रुप के खिलाफ हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए स्टॉक मैनिपुलेशन के आरोपों में कथित तौर पर पर्याप्त सबूत नहीं पाए और उन्हें क्लीन चिट दी थी।

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