इस रूपरेखा के तहत, अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। इससे अमेरिका में वस्त्र, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक एवं रबड़ उत्पाद, जैविक रसायन, हस्तशिल्प उत्पाद और चुनिंदा मशीनरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में काफी अवसर प्राप्त होंगे।
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत ने अपनी शर्तो पर यह डील की है। इसमें किसानों और डेरी के तमाम हितों का ध्यान रखा गया है। इस डील का फाइनल करने से पहले काफी अनसुलझे मुद्दों को सुलझाया गया और फिर यह डील आपके सामने है। डील पर जल्द ही भारत-अमेरिका का साझा बयान आएगा।
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) ने वैश्विक व्यापार के समीकरण बदल दिए हैं। इस समझौते के ऐलान के साथ ही जहां भारतीय उद्योगों में उत्साह की लहर दौड़ गई है, वहीं बांग्लादेश और तुर्की जैसे देशों की चिंता साफ नजर आने लगी है।
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की दिशा में बढ़ते कदम देश के निर्यात और विनिर्माण क्षेत्र के लिए नई उम्मीद लेकर आए हैं। 27 देशों वाले यूरोपीय समूह द्वारा आयात शुल्क में दी गई रियायतों से भारतीय उत्पाद यूरोप में ज्यादा सस्ते और प्रतिस्पर्धी होंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि आज एक और ऐतिहासिक अवसर है।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच बड़ा आर्थिक समझौता हो गया है। पीएम मोदी ने इस ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन करने की घोषणा की है। उन्होंने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा है।
भारत ने इस साल सबसे पहले यूनाइटेड किंगडम के साथ जुलाई में CETA (कॉम्प्रेहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट) डील की थी।
ग्लोबल ट्रेड की बदलती तस्वीर के बीच भारत ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल कर ली है। खाड़ी देशों में अपनी आर्थिक मौजूदगी को मजबूत करते हुए भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता साइन हो गया है।
भारत और न्यूजीलैंड के अधिकारियों ने सोमवार को प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते के लिए ऑकलैंड में चौथे दौर की वार्ता शुरू कर दी।
वाणिज्य विभाग के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने भारतीय पक्ष का नेतृत्व किया जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सहायक व्यापार प्रतिनिधि (दक्षिण एवं पश्चिम एशिया) ब्रेंडन लिंच ने किया।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ टैरिफ को लेकर चल रही मौजूदा परिस्थितियों को लेकर व्यापार वार्ता को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
भारत के पास विकल्प की कमी नहीं है। इस बात का ट्रंप भी समझ रहे हैं। इसलिए वो बार-बार टैरिफ लगाने की डेडलाइन को आगे बढ़ा रहे हैं।
सोमवार को फिच ने कहा कि कुल मिलाकर, अमेरिका का प्रभावी टैरिफ रेट अब 17% है, जो 3 अप्रैल के अनुमान से लगभग 8 प्रतिशत अंक कम है, जब उच्च पारस्परिक टैरिफ की मूल रूप से घोषणा की गई थी।
अधिकारी ने बताया कि मछली पालन, इंजीनियरिंग, आईटी और फार्मा जैसे क्षेत्रों के एक्सपोर्टर भी इस विचार-विमर्श में हिस्सा लेंगे।
अमेरिका ने भारत के लिए नए टैरिफ रेट का ऐलान कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि भारत पर 25 प्रतिशत का टैरिफ लगाया जाएगा।
भारत के लिए एक शानदार अवसर है, और वह अमेरिका के साथ समझौते पर बहुत गंभीरता से बातचीत कर रहा है।
ट्रंप और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने बुधवार को एक समझौते की घोषणा की जिसके तहत जापान से अमेरिकी आयात पर 15% शुल्क लगाया जाएगा, जो अमेरिका द्वारा पहले प्रस्तावित 25% से कम है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि जापान अपने देश को कार, ट्रक, चावल और अन्य कृषि उत्पादों सहित कई चीजों के व्यापार के लिए खोल देगा। राष्ट्रपति ट्रम्प ने बताया कि यह समझौता सैंकड़ों हजारों नौकरियां पैदा करेगा।
दोनों पक्ष एक अगस्त से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर विचार कर रहे हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि भारत समेत सभी बिक्स (BRICS) देशों पर 10 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया जाएगा।
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