अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि भारत समेत सभी बिक्स (BRICS) देशों पर 10 प्रतिशत एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने ब्रिक्स देशों पर अमेरिकी डॉलर को कमजोर करने का आरोप लगाया। डोनाल्ड ट्रंप ने आज कैबिनेट की एक मीटिंग में ये नई धमकी दी है, जिसकी अध्यक्षता वे खुद कर रहे थे। मीटिंग के दौरान उनसे अमेरिका के प्रमुख ट्रेड पार्टनर भारत को लेकर सवाल किया गया कि नई दिल्ली के साथ टैरिफ को लेकर क्या रुख अपनाया जाएगा, जो ग्लोबल साउथ ब्लॉक का हिस्सा है? ट्रंप ने इस सवाल के जवाब में कहा, ''ब्रिक्स का हिस्सा होने की वजह से भारत कोई अपवाद नहीं होगा। अगर भारत ब्रिक्स का हिस्सा है, तो उन्हें अतिरिक्त 10% अतिरिक्त टैरिफ का भुगतान करना होगा।''
ब्रिक्स ब्लॉक में कौन-कौन से देश शामिल हैं
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर आरोप लगाया कि ब्रिक्स डॉलर को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि वे ब्रिक्स को अमेरिका के लिए वास्तविक खतरा नहीं मानते। भारत को लेकर ट्रंप का बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देश ट्रेड डील के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। बताते चलें कि ब्रिक्स में भारत और चीन समेत कुल 11 देश हैं। इस ग्रुप में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, साउथ अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्त्र, यूएई, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान हैं। बताते चलें कि ब्रिक्स का पुराना नाम ब्रिक (BRIC) है, जिसमें बी से ब्राजील, आर से रूस, आई से इंडिया और सी से चीन हैं। हालांकि, इस ग्रुप में साउथ अफ्रीका के शामिल होने के बाद ये BRIC से BRICS हो गया था।
ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने ब्राजील पहुंचे हुए हैं पीएम मोदी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिक्स पर नया टैरिफ तुरंत लागू नहीं होगा। अमेरिका की योजना है कि ब्रिक्स देशों पर ये नया और अतिरिक्त टैरिफ तभी लागू होगा जब ग्रुप से जुड़ा कोई भी देश "अमेरिका विरोधी" माने जाने वाले विशिष्ट नीतिगत कदम उठाएगा। डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को ब्रिक्स ब्लॉक के सदस्य देशों को सीधी चेतावनी देते हुए कहा था कि जो भी देश "अमेरिका विरोधी" नीतियों के साथ जुड़ेगा, उसे अतिरिक्त 10% टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। बताते चलें कि ब्राजील में अभी ब्रिक्स देशों का सम्मेलन चल रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिस्सा ले रहे हैं।