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सोना महंगा होने से चांदी के गहनों की मांग बढ़ी, BIS ने शुरू की हॉलमार्किंग क्षमता बढ़ाने की तैयारी

सितंबर, 2025 से हॉलमार्क वाले चांदी के आभूषणों पर हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर भी दिया जा रहा है, जिससे उपभोक्ता आभूषण की शुद्धता की जांच कर सकते हैं।

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Image Source : TATA CLIQ चांदी के आभूषणों की मांग बढ़ी

सोने की कीमतों में तेज उछाल के बीच चांदी के गहनों की मांग में तेज उछाल देखने को मिल रहा है। चांदी के आभूषणों की बढ़ती मांग को देखते हुए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने जांच क्षमता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। बीआईएस अगले दो साल में देशभर में चांदी के आभूषणों की जांच के लिए 'रेफरल' और 'एसे' लैब का विस्तार करेगा। बताते चलें कि दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने का भाव 1,54,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

बीआईएस ने किया तैयारियां का आकलन

बीआईएस की उप-महानिदेशक (लैब) निशात एस. हक ने बताया कि चांदी के आभूषणों की जांच की बढ़ती जरूरत को देखते हुए संगठन ने अपनी तैयारियों का आकलन कर लिया है और अब अपने लैब में बड़े पैमाने पर जांच के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अगले करीब दो साल तक बीआईएस अपने मौजूदा लैब के जरिए बढ़ी हुई जरूरतों को पूरा करने में सक्षम होगा। इस अवधि के दौरान देशभर में रेफरल और एसे लैब का विस्तार किया जाएगा। 

2025-26 में हॉलमार्क किए गए चांदी के आभूषणों की संख्या बढ़कर हुई 59 लाख

चांदी की हॉलमार्किंग साल, 2005 से स्वैच्छिक है। सितंबर, 2025 से हॉलमार्क वाले चांदी के आभूषणों पर हॉलमार्क यूनिक आइडेंटिफिकेशन (HUID) नंबर भी दिया जा रहा है, जिससे उपभोक्ता आभूषण की शुद्धता की जांच कर सकते हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में हॉलमार्क किए गए चांदी के आभूषणों की संख्या बढ़कर 59 लाख हो गई, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 32 लाख थी। 

चांदी के आभूषणों की जांच करते हैं 230 रेफरल और एसे लैब

फिलहाल, देशभर में करीब 230 रेफरल और एसे लैब बीआईएस से मान्यता प्राप्त हैं जो चांदी के आभूषणों की जांच करते हैं। निशात एस. हक ने कहा कि हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों की बाजार निगरानी के तहत होने वाली सभी जांच बीआईएस अपने लैब में ही करता है। इस काम को बाहरी लैब को नहीं सौंपा जाता। उन्होंने कहा कि हॉलमार्क वाले आभूषणों की बाजार निगरानी के लिए बीआईएस ने अपनी लैब फैसिलिटी में ही रेफरल और एसे लैब स्थापित की है। 

बीआईएस ने पिछले साल की 2.70 लाख उत्पाद नमूनों की जांच

बीआईएस ने पिछले साल करीब 2.70 लाख उत्पाद नमूनों की जांच की। संगठन के पास फिलहाल देशभर में अपनी 10 लैब हैं, जबकि मान्यता प्राप्त प्राइवेट और लिस्टेड सरकारी लैब का व्यापक नेटवर्क भी उसके साथ जुड़ा है। हक के अनुसार, साल 2014 में बीआईएस के साथ करीब 147 मान्यता प्राप्त लैब और 24 लिस्टेड सरकारी लैब थीं। अब इनकी संख्या क्रमश: 440 और 350 हो गई हैं। 

रोबोटिक सुविधाओं के विस्तार की भी तैयारी

बीआईएस ने कुल करीब 23,000 स्टैंडर्ड निर्धारित किए हैं, जिनमें लगभग 700 अनिवार्य हैं। बीआईएस जांच की गति बढ़ाने, पारदर्शिता सुधारने और मानवीय त्रुटियों को कम करने के लिए एआई, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स का इस्तेमाल भी बढ़ाने पर काम कर रहा है। हक ने बताया कि इस साल सीमेंट की जांच के लिए 'पिक एंड प्लेस' रोबोटिक यूनिट की टेस्टिंग की जा रही है। इसके परिणामों के आधार पर बाकी लैब में भी रोबोटिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

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