भारत से एक्सपोर्ट बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा कारोबारियों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने के लिए सरकार नई तैयारी कर रही है। खास बात यह है कि अब छोटे शहरों और जिलों के कारोबारियों तक भी ट्रेड और एक्सपोर्ट से जुड़ी जानकारी उनकी अपनी क्षेत्रीय भाषा में पहुंचाने की योजना है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने करीब 1000 स्थानीय लोगों को ट्रेड की ट्रेनिंग देने का प्रस्ताव रखा है। ये लोग मौजूदा और नए एक्सपोर्टर्स को कारोबार बढ़ाने में मदद करेंगे।
वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक, करीब 1,000 स्थानीय लोगों को व्यापार से जुड़े विषयों की ट्रेनिंग दी जाएगी। इन लोगों को क्षेत्रीय भाषाओं का भी अच्छा ज्ञान होगा। ट्रेनिंग के बाद इन्हें राज्यों और जिलों के स्तर पर कारोबारियों की मदद के लिए तैनात किया जाएगा। इनका काम एक्सपोर्ट शुरू करने की तैयारी कर रहे कारोबारियों और पहले से एक्सपोर्ट कर रहे व्यवसायों को जरूरी जानकारी और मार्गदर्शन देना होगा। इसके लिए इंडस्ट्री चैंबर्स और क्षेत्रीय व्यापार संगठनों की भी मदद ली जाएगी।
एक जगह मिलेगी कई विभागों की सुविधा
पीयूष गोयल ने अलग-अलग विभागों के अलग कार्यालय खोलने के बजाय बड़े शहरों में एकीकृत वाणिज्य और उद्योग कार्यालय बनाने की योजना की भी जानकारी दी। इन कार्यालयों के जरिए कारोबारियों को कई विभागों और एजेंसियों से जुड़ी सेवाओं के लिए एक साझा संपर्क केंद्र मिल सकेगा। इससे कारोबारियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है और सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाने में मदद मिल सकती है।
FTA से जुड़े मौके और नियम भी समझाए जाएंगे
बैठक में भारत के हालिया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट(FTA) और ट्रेड फैसिलिटेशन से जुड़े सुधारों पर भी चर्चा हुई। कारोबारियों को बताया गया कि अलग-अलग व्यापार समझौतों से मिलने वाले अवसरों के साथ उनकी शर्तों और जिम्मेदारियों को समझना भी जरूरी है। इंडस्ट्री ने सरकार के सामने FTA से जुड़े मूल स्थान के प्रमाण-पत्र की डिजिटल प्रक्रिया को दूसरे साझेदार देशों तक बढ़ाने की जरूरत रखी। इसके अलावा DGFT, कस्टम्स, बैंकों और अन्य एजेंसियों के सिस्टम को बेहतर तरीके से जोड़ने की मांग भी उठी।
लॉजिस्टिक्स और दस्तावेजी दिक्कतों पर भी फोकस
बैठक में दस्तावेजों के लंबित मामलों और समुद्री माल ढुलाई की लागत जैसी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। एक्सपोर्टर्स के लिए पूरे एक्सपोर्ट साइकल को ज्यादा बेहतर तरीके से जोड़ने पर जोर दिया गया।
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