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इथेनॉल मिशन में सरकारी कंपनियों ने खर्च किए ₹1.72 लाख करोड़, सरकार ने संसद में दी जानकारी

ESY 2024-25 के दौरान सरकारी तेल कंपनियों द्वारा उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 124.98 करोड़ लीटर इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल की बिक्री हुई।

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Image Source : INDIAN OIL सांकेतिक तस्वीर

देश के इथेनॉल मिशन में सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां अब तक ₹1.72 लाख करोड़ खर्च कर चुकी हैं। सरकार ने सोमवार को संसद में ये जानकारी दी। सरकार ने संसद को बताया कि सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने इथेनॉल सप्लाई ईयर (ESY) 2023-24 में इथेनॉल खरीदने पर ₹48,757 करोड़, ESY 2024-25 में ₹73,996 करोड़ और ESY 2025-26 में जून तक ₹49,577 करोड़ खर्च किए।

सरकारी तेल कंपनियों ने 501 इथेनॉल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को किया रजिस्टर

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि 16 जुलाई, 2026 तक, सरकारी तेल कंपनियों ने इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल प्रोग्राम के तहत डीनेचर्ड एनहाइड्रस इथेनॉल की सप्लाई के लिए 501 इथेनॉल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को रजिस्टर किया था। 

हिंदुस्तान पेट्रोलियम बायोफ्यूल्स ने किया सबसे ज्यादा इथेनॉल प्रोडक्शन

मंत्री के मुताबिक, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम अपनी सब्सिडरी HPCL बायोफ्यूल्स लिमिटेड के जरिए फ्यूल-ग्रेड इथेनॉल के प्रोडक्शन में भी शामिल हैं। इंडियन ऑयल की रोजाना प्रोडक्शन क्षमता 228 किलोलीटर है और इसने ESY 2025-26 में 30 जून तक 712 किलोलीटर का प्रोडक्शन किया। भारत पेट्रोलियम की क्षमता रोजाना 200 किलोलीटर है और इसने 76 किलोलीटर का प्रोडक्शन किया, जबकि हिंदुस्तान पेट्रोलियम बायोफ्यूल्स की क्षमता रोजाना 120 किलोलीटर है और इसने इस दौरान 9,373 किलोलीटर का प्रोडक्शन किया।

किस राज्य में हुई सबसे ज्यादा इथेनॉल की बिक्री

ESY 2024-25 के दौरान सरकारी तेल कंपनियों द्वारा इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल की सबसे ज्यादा बिक्री उत्तर प्रदेश में (124.98 करोड़ लीटर) हुई। इसके बाद महाराष्ट्र (110.66 करोड़ लीटर), तमिलनाडु (92.18 करोड़ लीटर), कर्नाटक (79.24 करोड़ लीटर) और गुजरात (56.29 करोड़ लीटर) का नंबर रहा। सरकार ने कहा कि रजिस्टर्ड सप्लायर बेस और घरेलू खरीद नेटवर्क देश भर में इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल प्रोग्राम को लागू करने में मदद कर रहे हैं।

E20 के इस्तेमाल से इंजन खराब होने के सबूत नहीं मिले

राज्यसभा में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने बताया कि देश में 20 करोड़ से ज्यादा दोपहिया और 3 करोड़ से ज्यादा पेट्रोल कारें E20 फ्यूल पर चल रही हैं। इनमें बड़ी संख्या उन पुरानी गाड़ियों की भी है, जिन्हें E20 के लिए विशेष रूप से प्रमाणित नहीं किया गया था। फिर भी अब तक ये साबित नहीं हुआ है कि E20 पेट्रोल से बड़ी संख्या में गाड़ियों के इंजन खराब हो रहे हैं। इसके अलावा, सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां देशभर में अलग-अलग पेट्रोल पंपों पर तेल की गुणवत्ता की जांच भी कर रही हैं।

ANI Inputs

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