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डीजल और एटीएफ एक्सपोर्ट पर टैक्स घटा, पेट्रोल निर्यात पर बढ़ी ड्यूटी; 1 जुलाई से नई दरें लागू

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत सरकार ने ईंधन निर्यात से जुड़े टैक्स नियमों में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने 1 जुलाई से डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स कम कर दिया है, जबकि पेट्रोल के निर्यात पर टैक्स बढ़ा दिया गया है।

पेट्रोल, डीजल और ATF पर 1...- India TV Hindi
Image Source : CANVA पेट्रोल, डीजल और ATF पर 1 जुलाई से नए टैक्स नियम

वैश्विक तेल बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के बीच केंद्र सरकार ने देश की तेल कंपनियों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने मंगलवार को एक नया आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करते हुए डीजल और हवाई ईंधन यानी एटीएफ (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में भारी कटौती कर दी है। हालांकि, दूसरी तरफ देश के भीतर ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी को बढ़ा दिया गया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, टैक्स की ये नई दरें 1 जुलाई, 2026 से प्रभावी हो जाएंगी।

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, हर पखवाड़े होने वाली इस समीक्षा में स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) के ढांचे में निम्नलिखित बदलाव किए गए हैं:

  • डीजल निर्यात: डीजल के निर्यात पर लगने वाले टैक्स को ₹14 प्रति लीटर से घटाकर अब ₹8.5 प्रति लीटर कर दिया गया है।
  • हवाई ईंधन: एटीएफ के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी को ₹12.5 प्रति लीटर से कम करके ₹7.5 प्रति लीटर तय किया गया है।
  • पेट्रोल निर्यात: पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी को ₹1.5 प्रति लीटर से बढ़ाकर सीधे ₹4 प्रति लीटर कर दिया गया है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और संकट के बीच सरकार ने घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है। दरअसल, जब वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बहुत बढ़ जाती हैं, तो तेल निर्यातक कंपनियां घरेलू बाजार में तेल बेचने के बजाय बाहर एक्सपोर्ट करके अनुचित मुनाफा कमाने लगती हैं। सरकार का यह फैसला कंपनियों को अत्यधिक निर्यात करने से हतोत्साहित करेगा ताकि देश के भीतर तेल की कोई किल्लत न हो। इसके साथ ही, सरकार ने साफ किया है कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा ड्यूटी दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी आम जनता के लिए राहत बरकरार है।

इन पड़ोसी देशों को मिली टैक्स से विशेष छूट

सरकार ने इस नीति के तहत भारत के मित्र देशों को बड़ी राहत दी है। मार्च में जब यह एक्सपोर्ट लेवी लगाई गई थी, तब सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (PSUs) द्वारा नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को किए जाने वाले निर्यात को इस टैक्स से बाहर रखा गया था। अब सरकार ने इस विशेष छूट का दायरा बढ़ाते हुए इसमें मॉरीशस और मालदीव को भी शामिल कर लिया है।

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