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छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी राहत! देर से पेमेंट करने वालों की अब खैर नहीं, सरकार लाई सख्त कानून

सरकार ने संसद में एक नया विधेयक पेश किया है, जिसका मकसद छोटे कारोबारियों को समय पर भुगतान दिलाना और लंबे समय तक चलने वाले विवादों का जल्दी निपटारा करना है। इस कानून के लागू होने के बाद पेमेंट रोकने वाली कंपनियों पर शिकंजा कसने की तैयारी है।

MSME के लिए राज्यसभा में...- India TV Hindi
Image Source : PTI MSME के लिए राज्यसभा में पेश हुआ नया बिल

अगर आप छोटा कारोबार चलाते हैं और ग्राहकों या बड़ी कंपनियों से समय पर भुगतान न मिलने की वजह से परेशान रहते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज डेवलपमेंट (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है। इस नए कानून का मकसद छोटे कारोबारियों को समय पर भुगतान दिलाना, विवादों का जल्दी निपटारा करना और उनकी नकदी की समस्या को कम करना है।

नए विधेयक के तहत यदि किसी MSME का भुगतान लंबे समय तक अटका रहता है और मामला अदालत में चल रहा है, तो कोर्ट जरूरत पड़ने पर खरीदार को कम से कम 50% राशि MSME को देने का आदेश दे सकेगा। इससे छोटे कारोबारियों को सालों तक पैसे का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उनका कारोबार प्रभावित नहीं होगा।

विवादों का होगा जल्द निपटारा

सरकार ने प्रस्ताव रखा है कि MSME से जुड़े भुगतान विवादों का तय समय के भीतर निपटारा किया जाए। इसके लिए राज्यों को जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइज फैसिलिटेशन काउंसिल बनाने का अधिकार भी दिया जाएगा, ताकि मामलों का तेजी से समाधान हो सके।

सरकारी कंपनियों पर भी लागू होंगे नए नियम

विधेयक में कहा गया है कि सभी केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (CPSE) MSME से सामान या सेवाएं खरीदने पर उनके बिलों का भुगतान ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) के जरिए करेंगे। इससे छोटे उद्योगों को समय पर पैसा मिलने में मदद मिलेगी। राज्यों को भी अपनी सरकारी कंपनियों के लिए ऐसा नियम लागू करने का अधिकार दिया जाएगा।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और आसान नियम

सरकार MSME के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू करेगी, जहां छोटे उद्योग मुफ्त और स्वैच्छिक रूप से अपना रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। साथ ही, कुछ मामलों में आपराधिक कार्रवाई खत्म कर चेतावनी और जुर्माने जैसी व्यवस्था लागू करने का भी प्रस्ताव है, जिससे कारोबार करना आसान हो सके।

MSME सेक्टर को मिलेगा बड़ा सहारा

सरकार का कहना है कि 2006 के कानून में समय के साथ बदलाव जरूरी हो गया था। नई तकनीक, डिजिटल सिस्टम और बदलते कारोबारी माहौल को देखते हुए यह संशोधन लाया गया है। अगर यह विधेयक कानून बनता है, तो लाखों छोटे कारोबारियों को समय पर भुगतान मिलने, नकदी की समस्या कम होने और कारोबार बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी।

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