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GST घटा फिर भी महंगे होंगे AC और कुकवेयर! जानें क्यों बढ़ सकती हैं आपकी जेब पर मार?

GST घटा, फिर भी राहत नहीं! नए साल में AC और कुकवेयर खरीदने की सोच रहे हैं तो जेब पर पड़ सकता है भारी असर। सरकार की ओर से टैक्स में कटौती के बावजूद घरेलू उपकरण और किचन से जुड़े सामान महंगे होने की तैयारी में हैं।

AC और कुकवेयर महंगे हो...- India TV Hindi
Image Source : CANVA AC और कुकवेयर महंगे हो सकते हैं।

नए साल में अगर आप एयर कंडीशनर, किचन अप्लायंसेज, कुकवेयर या बाथवेयर खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके बजट का गणित बिगाड़ सकती है। वजह यह है कि GST में राहत मिलने के बावजूद इन प्रोडक्ट्स की कीमतें कम होने के बजाय और बढ़ सकती हैं। हालांकि, जब टैक्स घटा है तो फिर महंगाई क्यों? इसका जवाब छिपा है एक ऐसी धातु में, जो आज हर घर के जरूरी सामान की रीढ़ बन चुकी है।

तांबे की कीमत ने तोड़े रिकॉर्ड

बीते कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तांबे की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने कॉपर की कीमत 12,000 डॉलर प्रति टन के पार चली गई, जो साल 2009 के बाद सबसे बड़ी सालाना तेजी है। भारत में भी असर साफ दिख रहा है। MCX पर कॉपर की कीमत करीब 1,300 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है।

AC से लेकर कुकर तक बढ़ेगी लागत

तांबा और उससे जुड़े मेटल जैसे ब्रास (पीतल), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम कच्चा माल हैं। AC में इस्तेमाल होने वाली कॉपर पाइपिंग, मोटर्स, कंप्रेसर और कुकवेयर में इस्तेमाल होने वाले बेस मटीरियल सीधे तौर पर लागत बढ़ा रहे हैं। कुकवेयर ब्रांड वंडरशेफ के CEO रवि सक्सेना के मुताबिक, “कॉपर और एल्युमिनियम की कीमत रिकॉर्ड हाई पर है, ऐसे में 5 से 7 फीसदी तक कीमतें बढ़ाना मजबूरी बन गई है। खासकर मोटर जैसे जरूरी पार्ट्स में कॉपर का कोई सस्ता विकल्प नहीं है।”

बाथवेयर पर भी पड़ेगा असर

सिर्फ किचन और AC ही नहीं, बाथवेयर सेक्टर भी महंगाई की चपेट में है। पीतल की कीमतें इस वित्त वर्ष में 15 से 18 फीसदी तक बढ़ चुकी हैं। सोमानी बाथवेयर के श्रिवत्स सोमानी बताते हैं कि कंपनियां पहले ही करीब 12 फीसदी तक दाम बढ़ा चुकी हैं और आगे भी लागत का बोझ ग्राहकों पर डालना पड़ सकता है।

ग्लोबल फैक्टर बना रहे दबाव

विशेषज्ञों के मुताबिक, कमजोर डॉलर, ब्याज दरों में नरमी, चीन की आर्थिक रिकवरी की उम्मीद, सप्लाई में रुकावट और AI सेक्टर में बढ़ता निवेश ये सभी कारण कॉपर समेत औद्योगिक धातुओं की कीमतें ऊपर ले जा रहे हैं। गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि 2026 की पहली छमाही में भी कॉपर महंगा बना रहेगा।

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