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GST के नए नियम 1 नवंबर से होंगे लागू, छोटे कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत; रजिस्ट्रेशन से लेकर रिफंड तक बदलेगी प्रक्रिया

GST से जुड़े कामकाज को आसान बनाने के लिए सरकार कई बड़े बदलाव करने जा रही है। 1 नवंबर 2026 से लागू होने वाले नए नियमों से छोटे कारोबारियों, ई-कॉमर्स विक्रेताओं और टैक्सपेयर्स को राहत मिलने की उम्मीद है।

1 नवंबर से GST नियमों में...- India TV Hindi
Image Source : CANVA 1 नवंबर से GST नियमों में होने जा रहा बदलाव

GST से जुड़े कामकाज को आसान बनाने के लिए सरकार कई बड़े बदलाव करने जा रही है। इनका फायदा खास तौर पर छोटे कारोबारियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सामान बेचने वालों को मिलेगा। नए नियमों के तहत GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आसान होगी, टैक्स रिफंड जल्दी मिल सकेगा और छोटे कारोबारियों पर अनुपालन का बोझ कम होगा। इन बदलावों को 1 नवंबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी है।

अब कई राज्यों में ई-कॉमर्स के जरिए सामान बेचने वाले छोटे कारोबारियों के लिए GST रजिस्ट्रेशन लेना आसान हो सकता है। जिन राज्यों में उनका अपना ऑफिस नहीं है, वहां वे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के वेयरहाउस को कारोबार का मुख्य स्थान घोषित कर सकेंगे। इसके लिए कारोबारी का कम से कम एक राज्य में वास्तविक कारोबार होना जरूरी होगा। वहां भौतिक सत्यापन और आधार प्रमाणीकरण पूरा किया जाएगा। दूसरे राज्यों में रजिस्ट्रेशन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की सहमति से मिल सकेगा, जहां टैक्स अधिकारी की अतिरिक्त प्रक्रिया की जरूरत नहीं होगी। इस बदलाव से करीब 9.5 लाख छोटे विक्रेताओं को फायदा मिलने की उम्मीद है।

GST रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया होगी आसान

सरकार GST रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेजों और जानकारियों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करेगी। आवेदन फॉर्म GST REG-01 में जरूरी दस्तावेज चुनने के विकल्प दिए जाएंगे। GST पोर्टल पर भी आवेदन भरने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा। इससे अधूरे दस्तावेजों या गलत जानकारी के कारण आवेदन खारिज होने और बार-बार सवाल पूछे जाने की समस्या कम हो सकती है। नतीजतन, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

अब जल्दी मिलेगा GST रिफंड

नए बदलावों के तहत इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में जमा अतिरिक्त रकम के रिफंड को सिस्टम अपने आप मंजूरी दे सकेगा। इसके लिए टैक्स अधिकारी के हस्तक्षेप की जरूरत नहीं होगी। वहीं, जीरो-रेटेड सप्लाई और इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर से जुड़े पात्र रिफंड दावों में जोखिम का आकलन करने के बाद सिस्टम अपने आप 90 फीसदी रकम का अस्थायी रिफंड मंजूर कर सकेगा। रिफंड आवेदन मिलने की पावती या कमी बताने वाला मेमो जारी करने की समयसीमा भी 15 दिन से घटाकर 10 दिन की जाएगी।

GST नोटिस को लेकर भी बदलाव

कारोबारियों पर अनुपालन का बोझ और मुकदमेबाजी कम करने के लिए 10,000 रुपये की न्यूनतम सीमा से जुड़े शो-कॉज नोटिस का प्रावधान भी प्रस्तावित है।GST परिषद ने 8 अक्टूबर को हुई अपनी 57वीं बैठक में इन सुधारों को मंजूरी दी थी। प्रशासनिक प्रक्रिया से लागू हो सकने वाले बदलाव नवंबर से चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाएंगे, जबकि कानून में संशोधन की जरूरत वाले बदलाव 1 अप्रैल 2027 से लागू होने की संभावना है।

इनपुट- PTI

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