1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. IDFC First Bank फ्रॉड: क्या ग्राहकों की FD और सेविंग्स अकाउंट पर पड़ेगा असर? CM नायब सैनी ने कही बड़ी बात

IDFC First Bank फ्रॉड: क्या ग्राहकों की FD और सेविंग्स अकाउंट पर पड़ेगा असर? CM नायब सैनी ने कही बड़ी बात

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के चंडीगढ़ ब्रांच से जुड़े 590 करोड़ रुपये के कथित अनधिकृत लेनदेन के खुलासे के बाद बैंक ग्राहकों के मन में एक ही सवाल है कि क्या उनकी एफडी और सेविंग्स अकाउंट की जमा रकम सुरक्षित है?

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक...- India TV Hindi
Image Source : ANI आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में फ्रॉड

प्राइवेट सेक्टर के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक की चंडीगढ़ ब्रांच में 590 करोड़ रुपये की कथित फर्जीवाड़ा का मामला सामने आने के बाद शेयर बाजार में हलचल मच गई। इस खबर का असर बैंक के शेयर पर भी पड़ा और बीएसई पर यह 16.18% की तेज गिरावट के साथ 70.04 रुपये पर बंद हुआ, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।

क्या है पूरा मामला?

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी कि चंडीगढ़ की एक ब्रांच में कुछ कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार से जुड़े कुछ खातों में बिना अनुमति लेनदेन किए। बैंक के अनुसार, यह गड़बड़ी सिर्फ कुछ सरकारी खातों तक सीमित है और आम ग्राहकों के खातों पर इसका असर नहीं पड़ा है। करीब 590 करोड़ रुपये के लेनदेन में अंतर पाया गया है, जिसकी जांच चल रही है। बैंक ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है और कहा है कि जिन लोगों की गलती पाई जाएगी, उनके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, जो पैसा गड़बड़ी में गया है, उसे वापस लाने की पूरी कोशिश की जाएगी।

सीएम नायब सैनी ने क्या कहा?

इस मामले पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सदन में जानकारी दी कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंकने सेबी को पत्र लिखकर स्वीकार किया है कि बैंक के कुछ कर्मचारियों द्वारा गड़बड़ी की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे की गंभीरता से जांच कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने भी इस मामले को सदन में उठाया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि चाहे कोई सरकारी अधिकारी हो या बैंक का कर्मचारी, दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक में लगभग 450 एफडी बनाई गई थीं और एक-एक पैसा वापस लाया जाएगा। सरकार को इस मामले की जानकारी करीब 4-5 दिन पहले मिली थी, जिसके बाद तुरंत जांच शुरू कर दी गई। फिलहाल एंटी करप्शन ब्यूरो इस पूरे मामले की जांच कर रहा है और जांच पूरी होने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

RBI का क्या कहना है?

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर ने स्पष्ट किया है कि इस घटना को लेकर कोई सिस्टेमैटिक खतरा नहीं है और रेगुलेटर हालात पर नजर रखे हुए है। यानी फिलहाल पूरे बैंकिंग सिस्टम के लिए खतरे की बात नहीं कही गई है।

क्या आपकी FD और सेविंग्स सुरक्षित हैं?

भारत में जमाकर्ताओं को एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) का बीमा मिलता है। इसके तहत प्रति जमाकर्ता, प्रति बैंक अधिकतम 5 लाख रुपये (मूलधन + ब्याज) तक की राशि बीमित होती है। इसमें सेविंग्स अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), रिकरिंग डिपॉजिट (RD) और करंट अकाउंट शामिल हैं। ध्यान रहे, यह सीमा प्रति बैंक लागू होती है। यानी अगर आपके अलग-अलग बैंकों में खाते हैं, तो हर बैंक में 5 लाख रुपये तक अलग से बीमा कवर मिलता है। हालांकि, 5 लाख से ज्यादा जमा राशि पर बीमा लागू नहीं होता। ऐसी स्थिति में 5 लाख रुपये से ज्यादा रकम का क्या होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि बैंक की हालत कितनी मजबूत है और रेगुलेटर (RBI) आगे क्या फैसला लेते हैं।

Latest Business News