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डंके की चोट पर रूस से कच्चा तेल खरीद रहा भारत, अमेरिका की धमकियों का कोई असर नहीं- सितंबर में रोजाना आया 18.2 लाख बैरल तेल

केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने सितंबर में रूस से रोजाना करीब 18.2 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया, जबकि इस दौरान चीन का आयात लगभग 14.9 लाख बैरल प्रतिदिन रहा।

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Image Source : AFP सितंबर में रूसी कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार रहा भारत

अमेरिका की तमाम धमकियों के बावजूद भारत अपने मित्र देश रूस से डंके की चोट पर कच्चा तेल खरीद रहा है। भारत सितंबर में रूसी कच्चे तेल का दुनिया का सबसे बड़ा खरीदार रहा। हालांकि, चीन की ओर से खरीद बढ़ने और आपूर्ति सीमित होने के कारण साल के मध्य के उच्चस्तर से इसका आयात घट गया। केप्लर के जहाजों की आवाजाही पर आधारित एनालिसिस में ये जानकारी दी गई है। 

सिंतबर में भारत ने रूस से रोजाना 18.2 लाख बैरल कच्चा तेल खरीदा

केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने सितंबर में रूस से रोजाना करीब 18.2 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया, जबकि इस दौरान चीन का आयात लगभग 14.9 लाख बैरल प्रतिदिन रहा। बताते चलें कि भारत ने जून में रूस से रोजाना 26 लाख बैरल और जुलाई में 25.7 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया था। इस तरह जुलाई के स्तर से सितंबर में इसमें करीब 29 प्रतिशत की गिरावट आई। अगस्त में भारत ने रूस से रोजाना 20.2 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया था। 

जून, जुलाई की तुलना में आई गिरावट के पीछे क्या हैं वजहें

केप्लर के सीनियर मैनेजर (मॉडलिंग) सुमित रितोलिया ने कहा कि आयात में आई इस कमी को सिर्फ अमेरिका की टैरिफ संबंधी धमकियों के प्रति भारत की प्रतिक्रिया के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "भारत के रूसी कच्चे तेल के आयात में हाल में आई कमी केवल अमेरिकी टैरिफ दबाव का नतीजा नहीं है। इसकी सीमित उपलब्धता और चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है।" 

चीन भी बड़ी मात्रा में रूस से खरीदता है कच्चा तेल

केप्लर के अनुसार, चीन की ऑयल रिफाइनिंग कंपनियों ने हाल के महीनों में रूस से ज्यादा कच्चा तेल खरीदा है। इसकी एक वजह ईरान से कच्चे तेल की कम उपलब्धता भी है। जहाजों की आवाजाही के मौजूदा आंकड़ों के आधार पर अक्टूबर में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात प्रतिदिन 18-19 लाख बैरल रहने का अनुमान है, जो सितंबर के स्तर के आसपास होगा। 

भारत ने वेनेजुएला से भी आयात किया कच्चा तेल

केप्लर ने कहा कि वेनेजुएला का कच्चा तेल भी इस साल भारत के आयात में शामिल हुआ है। पिछले कुछ सालों में इसका आयात काफी कम रहा था, लेकिन अप्रैल से इसकी सप्लाई बढ़ी है। हालांकि, वेनेजुएला के कच्चे तेल का सबसे बड़ा खरीदार अमेरिका बना हुआ है। वेनेजुएला ने अगस्त में भारत को रोजाना करीब 2.5 लाख बैरल और सितंबर में 2.57 लाख बैरल कच्चा तेल निर्यात किया। इसी अवधि में अमेरिका को किया गया निर्यात क्रमशः लगभग 4.52 लाख बैरल और 5.63 लाख बैरल प्रतिदिन रहा। 

वेनेजुएला के कच्चे तेल का प्रमुख खरीदार है रिलायंस इंडस्ट्रीज का जामनगर रिफाइनरी

रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी वेनेजुएला के कच्चे तेल की मुख्य खरीदार है और रिफाइनरी की क्षमता और संरचना के लिहाज से आगे भी इसके प्रमुख खरीदार बने रहने की उम्मीद है। रितोलिया ने कहा, "वेनेजुएला के भारी और अत्यधिक भारी श्रेणी के कच्चे तेल का प्रोसेसिंग अपेक्षाकृत कठिन है और भारत की सभी रिफाइनरियां इसके लिए उपयुक्त नहीं हैं। 

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