1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. Indian Railways: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मिली हरी झंड़ी! इस रूट पर पानी से चलेगी ट्रेन; इतनी होगी टॉप स्पीड

Indian Railways: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मिली हरी झंड़ी! इस रूट पर पानी से चलेगी ट्रेन; इतनी होगी टॉप स्पीड

भारतीय रेलवे ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को मंजूरी दे दी है। यह ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर चलाई जाएगी और इसकी अधिकतम रफ्तार 75 किमी प्रति घंटा होगी।

देश की पहली हाइड्रोजन...- India TV Hindi
Image Source : ANI देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन

भारत में रेलवे तकनीक अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। इंडियन रेलवे ने देश की पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को मंजूरी देकर बड़ा कदम उठाया है। यह ट्रेन हरियाणा के जींद-सोनीपत रूट पर चलाई जाएगी और इसकी अधिकतम रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। खास बात यह है कि यह ट्रेन डीजल या बिजली की बजाय हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलेगी, जिससे प्रदूषण बेहद कम होगा।

जींद-सोनीपत रूट पर चलेगी नई ट्रेन

रेल मंत्रालय ने 10 कोच वाली इस हाइड्रोजन DEMU ट्रेन को नॉर्दर्न रेलवे जोन के तहत मंजूरी दी है। ट्रेन का संचालन फिलहाल जींद और सोनीपत सेक्शन के बीच किया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक यह भारत की पहली ऐसी ट्रेन होगी जो पर्यावरण के अनुकूल तकनीक पर आधारित है।

पानी से बनेगी ऊर्जा, नहीं होगा धुआं

इस ट्रेन में हाइड्रोजन फ्यूल सेल का इस्तेमाल किया जाएगा। यह तकनीक हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की मदद से बिजली तैयार करती है। इस प्रक्रिया में धुएं की जगह सिर्फ पानी और भाप निकलती है। यही वजह है कि इसे ग्रीन ट्रेन भी कहा जा रहा है। ट्रेन की कुल पावर क्षमता 1200 किलोवाट होगी। इसमें वितरित पावर रोलिंग स्टॉक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, यानी पूरी ट्रेन में अलग-अलग हिस्सों में पावर सप्लाई दी जाएगी।

सुरक्षा के लिए खास इंतजाम

रेल मंत्रालय ने साफ किया है कि ट्रेन को तुरंत नियमित सेवा में नहीं उतारा जाएगा। पहले सभी सुरक्षा मानकों और तकनीकी जांच को पूरा किया जाएगा। रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (RDSO) और कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CCRS) से तकनीकी मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा हाइड्रोजन स्टोरेज और रिफ्यूलिंग सिस्टम के लिए PESO समेत अन्य एजेंसियों की शर्तों का पालन भी जरूरी होगा। ट्रेन में लीकेज और आग से बचाव के लिए खास सेंसर लगाए गए हैं।

शुरुआती 3 महीने तक साथ रहेगा टेक्निकल स्टाफ

रेलवे ने शुरुआती तीन महीनों तक ट्रेन के साथ प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों को तैनात करने का फैसला लिया है। यह स्टाफ रास्ते में आने वाली किसी भी तकनीकी समस्या को तुरंत ठीक करेगा। रेलवे का मानना है कि हाइड्रोजन ट्रेन भविष्य की जरूरत है। इससे डीजल पर निर्भरता घटेगी और प्रदूषण में भी बड़ी कमी आएगी। आने वाले समय में देश के अन्य रूटों पर भी ऐसी ट्रेनें चलाने की प्लानिंग बनाई जा सकती है।

Latest Business News