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विदेशी ब्रोकर्स की झंझट खत्म! NSE IX से घर बैठे US स्टॉक्स में इन्वेस्ट कर सकेंगे भारतीय इन्वेस्टर्स

अब Apple, Microsoft या Tesla के शेयर खरीदने के लिए अलग विदेशी ब्रोकरेज अकाउंट खोलने या जटिल प्रक्रियाओं से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। भारतीय रिटेल निवेशकों के लिए बड़ा दरवाजा खुल गया है। NSE IX ने अपने ग्लोबल एक्सेस प्लेटफॉर्म के जरिए सीधे अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश की सुविधा शुरू कर दी है।

भारतीय निवेशकों के...- India TV Hindi
Image Source : CANVA भारतीय निवेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी

अब Apple या Microsoft जैसे अमेरिकी दिग्गज शेयर खरीदने के लिए न विदेशी ब्रोकरेज अकाउंट खोलने की जरूरत होगी और न ही जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ेगा। भारत के निवेशकों के लिए ग्लोबल मार्केट के दरवाजे अब और आसान हो गए हैं। एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज (NSE IX) ने अपने ‘ग्लोबल एक्सेस’ प्लेटफॉर्म के जरिए भारतीय रिटेल निवेशकों को सीधे अमेरिकी बाजार में निवेश की सुविधा दे दी है।

एनएसई आईएक्स के एमडी और सीईओ वी बालासुब्रमण्यम के मुताबिक, शुरुआत अमेरिका से की गई है, लेकिन अगले 3 से 6 महीनों में 30 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच देने की योजना है। यह कदम भारतीय निवेशकों को घरेलू बाजार से आगे बढ़कर वैश्विक अवसरों में भागीदारी का मौका देगा।

LRS नियमों के तहत निवेश

यह पूरी व्यवस्था भारतीय रिजर्व बैंक की रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत होगी। इस स्कीम के अनुसार, कोई भी भारतीय निवासी एक वित्तीय वर्ष में 2.5 लाख अमेरिकी डॉलर तक विदेश भेज सकता है। निवेश, इसी सीमा और नियामकीय ढांचे के भीतर होगा।

अब‘फ्रैक्शनल खरीदारी भी संभव

ग्लोबल एक्सेस प्लेटफॉर्म की सबसे खास सुविधा फ्रैक्शनल इन्वेस्टिंग है। यानी अगर किसी अमेरिकी शेयर की कीमत 250-300 डॉलर है, तो भी निवेशक पूरा शेयर खरीदने के बजाय 5 या 10 डॉलर जितनी छोटी रकम से उसका हिस्सा खरीद सकते हैं। इससे छोटे निवेशकों के लिए हाई-वैल्यू टेक शेयरों में एंट्री आसान हो जाएगी।

पूरी तरह डिजिटल ऑनबोर्डिंग

अकाउंट खोलने से लेकर ट्रेडिंग तक की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है। आधार, पैन और डिजिलॉकर के जरिए 30-45 सेकंड में केवाईसी पूरी की जा सकती है। निवेशक रुपये को डॉलर में रेमिट कर GIFT सिटी के बैंक अकाउंट में भेजेंगे, जिसके बाद ऐप पर ट्रेडिंग लिमिट दिखाई देगी और वे खरीद-बिक्री शुरू कर सकेंगे।

किन प्रोडक्ट्स में मिलेगा निवेश का मौका?

फिलहाल प्लेटफॉर्म पर इक्विटी और ईटीएफ में निवेश की अनुमति होगी। डेरिवेटिव्स, क्रिप्टो या डिजिटल एसेट्स की सुविधा उपलब्ध नहीं है, क्योंकि ये LRS के तहत अनुमत नहीं हैं।

GIFT सिटी बन रहा ग्लोबल गेटवे

एनएसई आईएक्स का कहना है कि यह पहल भारत को एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। GIFT निफ्टी में पहले से ही भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम दर्ज हो रहा है और अब आउटबाउंड निवेश की यह सुविधा भारत को ग्लोबल कैपिटल फ्लो के केंद्र के रूप में मजबूत करेगी।

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