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वंदे भारत 4.0 की तैयारी तेज, बदल जाएगी भारतीय रेल की तस्वीर! स्पीड, लग्जरी और टेक्नोलॉजी का मिलेगा जबरदस्त एक्सपीरिएंस

भारतीय रेलवे नई उड़ान भरने को तैयार है। वंदे भारत 4.0 के साथ देश अब हाई-स्पीड, लक्जरी और मॉर्डन टेक्नोलॉजी का नया अध्याय लिखने जा रहा है। यह ट्रेन न सिर्फ भारत की पटरियों पर दौड़ेगी, बल्कि विदेशों में भी ‘मेड इन इंडिया’ का जलवा बिखेरेगी।

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Image Source : ANI वंदे भारत 4.0 से बदलेगी भारतीय रेलवे की तस्वीर

Vande Bharat 4.0: भारतीय रेलवे अब एक नई रफ्तार और आधुनिकता की ओर बढ़ रही है। जल्द ही भारत में ट्रेन सफर का एक्सपीरिएंस पूरी तरह बदलने वाला है, क्योंकि रेलवे मंत्रालय ने ‘वंदे भारत 4.0’ के विकास पर जोरदार काम शुरू कर दिया है। इसका मकसद न केवल घरेलू जरूरतों को पूरा करना है, बल्कि इन हाई-टेक ट्रेनसेट्स को इंटरनेशनल मार्केट में भी निर्यात करना है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को 16वें इंटरनेशनल रेलवे इक्विपमेंट एग्जिबिशन (IREE) 2025 के उद्घाटन के दौरान कहा कि वंदे भारत का नया संस्करण दुनिया की बेहतरीन ट्रेनों को टक्कर देगा। उन्होंने कहा कि हमें वंदे भारत को फिर से रीइमैजिन करना होगा और ऐसी नई टेक्नोलॉजी लानी होगी जो हर पैरामीटर पर वर्ल्ड क्लास स्टैंडर्ड्स के बराबर हो।

कैसी होगी वंदे भारत 4.0

वंदे भारत 4.0 को बेहतर टॉयलेट्स, आरामदायक सीटिंग और एडवांस कोच डिजाइन के साथ तैयार किया जा रहा है। रेलवे मंत्रालय का टारगेट है कि इसे अगले 18 महीनों के अंदर ट्रैक पर उतार दिया जाए। फिलहाल, वंदे भारत 3.0 पहले ही जापान और यूरोप की ट्रेनों से तेज साबित हुई है, जो 0 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार सिर्फ 52 सेकंड में पकड़ लेती है। रेल मंत्री ने कहा कि अब समय है इसे अगले लेवल पर ले जाने का। इसी के साथ सरकार 350 किमी प्रति घंटे की स्पीड वाली हाई-स्पीड पैसेंजर ट्रेन कॉरिडोर भी विकसित कर रही है। इन रूट्स को बुलेट ट्रेन जैसी हाई-टेक लाइनों के रूप में 2047 तक करीब 7000 किलोमीटर तक तैयार किया जाएगा, जो विकसित भारत विजन का हिस्सा है।

अमृत भारत ट्रेन को भी किया जाएगा अपग्रेड

अमृत भारत ट्रेन का भी अपग्रेडेड वर्जन 4.0 तैयार किया जा रहा है, जिसमें नए पुश-पुल लोकोमोटिव्स और एडवांस कोच होंगे। वहीं सुरक्षा के मोर्चे पर कवच 4.0 सिस्टम पहले से लागू है और अब कवच 5.0 तैयार किया जा रहा है जो 350 किमी/घंटा की स्पीड पर भी ट्रेन को सुरक्षित रखेगा। ग्रीन टेक्नोलॉजी की दिशा में भी भारत ने बड़ी छलांग लगाई है। वैष्णव ने बताया कि पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित 2400 हॉर्सपावर की हाइड्रोजन ट्रेन तैयार हो चुकी है। उन्होंने कहा कि हम यह तकनीक आयात नहीं करेंगे, इसे खुद डिजाइन करेंगे। रेल मंत्री ने निर्माताओं को चेतावनी दी कि क्वालिटी से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और घटिया सामान सप्लाई करने वाली कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

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