1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. भारतीय रेलवे रचने जा रही इतिहास! 17 जुलाई से दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, सिर्फ ₹5 में कर सकेंगे सफर

भारतीय रेलवे रचने जा रही इतिहास! 17 जुलाई से दौड़ेगी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, सिर्फ ₹5 में कर सकेंगे सफर

भारतीय रेलवे 17 जुलाई को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू करने जा रहा है। यह ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच चलेगी। खास बात यह है कि यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलेगी, जिससे प्रदूषण लगभग नहीं होगा।

17 जुलाई से चलेगी...- India TV Hindi
Image Source : INDIAN RAILWAYS 17 जुलाई से चलेगी हाइड्रोजन ट्रेन

भारतीय रेलवे 17 जुलाई को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू करने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह ट्रेन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच चलेगी। खास बात यह है कि यह ट्रेन हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलेगी, जिससे प्रदूषण लगभग शून्य होगा। इसे भारत के ग्रीन ट्रांसपोर्ट मिशन और मेक इन इंडिया अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

रेलवे की ओर से इस ट्रेन का किराया काफी कम रखा गया है। यात्रियों को न्यूनतम ₹5 और अधिकतम ₹25 का किराया देना होगा। यह ट्रेन लगभग 90 किलोमीटर की दूरी सिर्फ एक घंटे में पूरी करेगी। अभी यही सफर डीएमयू ट्रेन से करीब दो घंटे में पूरा होता है। ट्रेन में करीब 2500 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी।

हाइड्रोजन तकनीक से चलेगी, प्रदूषण नहीं करेगी

यह ट्रेन 1200 किलोवाट हाइड्रोजन फ्यूल सेल प्रोपल्शन सिस्टम से लैस होगी। इसमें डीजल की जगह हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के कैमिकल प्रोसेस से बिजली बनाई जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में केवल भाप और गर्मी निकलती है, जिससे वातावरण में किसी तरह का धुआं या कार्बन उत्सर्जन नहीं होगा। एक बार हाइड्रोजन भरने पर यह ट्रेन करीब 250 किलोमीटर तक चल सकेगी।

सुरक्षा के लिए किए गए खास इंतजाम

रेलवे ने इस ट्रेन में सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा है। ट्रेन में करीब 27 हाइड्रोजन सिलेंडर लगाए गए हैं। हाइड्रोजन लीकेज डिटेक्टर, फायर डिटेक्टर और आधुनिक कंट्रोल सिस्टम भी लगाए गए हैं, जिनकी नियमित जांच की जाएगी। ट्रेन का डिजाइन लखनऊ स्थित आरडीएसओ ने तैयार किया है, जबकि इसका निर्माण चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में किया गया है।

हरित परिवहन की दिशा में बड़ा कदम

करीब 89 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह ट्रेन भारतीय रेलवे के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। आने वाले समय में यदि यह परियोजना सफल रहती है तो देश के अन्य रूटों पर भी हाइड्रोजन ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। इससे डीजल पर निर्भरता कम होगी, ईंधन की बचत होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बड़ी मजबूती मिलेगी। 17 जुलाई का दिन भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नई और स्वच्छ शुरुआत के रूप में दर्ज होने जा रहा है।

यह भी पढ़ें- बिहार के यात्रियों को रेलवे का तोहफा! 5 स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाए; जुलाई से नवंबर तक मिलेगी सुविधा

Latest Business News