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डीजल की बिक्री पर कंपनियों ने लगाया कैप, Jio-bp और Nayara के बाद अब सरकारी तेल कंपनियां भी उठा सकती हैं बड़ा कदम

सस्ता रिटेल डीजल मिलने के कारण इंडस्ट्रियल और दूसरे बड़े ग्राहक पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा में ईंधन खरीद रहे हैं। इससे कुछ पेट्रोल पंपों पर स्टॉक का दबाव बढ़ गया है। इसी वजह से निजी कंपनियों ने डीजल की बिक्री पर रोजाना की सीमा तय कर दी है। अब सरकारी तेल कंपनियां भी ऐसा कदम उठा सकती हैं।

डीजल की बिक्री पर कैप- India TV Hindi
Image Source : JIO BP OFFICIAL WEBSITE डीजल की बिक्री पर कैप

देश में डीजल की बिक्री को लेकर एक नया बदलाव देखने को मिल रहा है। सस्ता रिटेल डीजल खरीदने के लिए बड़ी संख्या में औद्योगिक और बल्क ग्राहक पेट्रोल पंपों का रुख कर रहे हैं। इससे कुछ प्राइवेट फ्यूल कंपनियों के आउटलेट पर डीजल की मांग तेजी से बढ़ी है और सप्लाई पर दबाव बना है। इसी वजह से Jio-bp और नायरा एनर्जी ने अपने पेट्रोल पंपों पर डीजल खरीद की मात्रा सीमित कर दी है। अब सरकारी तेल कंपनियां भी ऐसा कदम उठा सकती हैं।

जानकारी के मुताबिक, Jio-bp के पेट्रोल पंपों पर एक ग्राहक के लिए रोजाना अधिकतम 50 लीटर डीजल खरीदने की सीमा तय की गई है। वहीं नायरा एनर्जी के आउटलेट्स पर यह सीमा अलग-अलग जगहों पर 70 लीटर से 200 लीटर के बीच बताई जा रही है। सरकारी क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) भी डीजल की मात्रा पर इसी तरह की पाबंदी लगाने पर विचार कर सकती हैं।

रिटेल और बल्क डीजल के दाम में बड़ा अंतर

इस बदलाव की मुख्य वजह रिटेल और बल्क ग्राहकों को मिलने वाले डीजल के दाम में बढ़ता अंतर है। पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें मई से स्थिर हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। दूसरी ओर, औद्योगिक और अन्य बल्क ग्राहकों के लिए डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से ज्यादा तेजी से बदल रही हैं। इससे दोनों कीमतों में करीब 40 रुपये प्रति लीटर तक का अंतर बताया जा रहा है।

400-600 लीटर तक खरीद रहे बल्क ग्राहक

फैक्ट्रियां, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, टेलीकॉम कंपनियां, होटल, मॉल, डेटा सेंटर और अस्पताल जैसे संस्थान बड़ी मात्रा में डीजल इस्तेमाल करते हैं। ये कंपनियां मशीनरी या बैकअप पावर के लिए डीजल जेनरेटर पर निर्भर रहती हैं। कीमत में बड़ा अंतर होने के कारण कुछ बल्क ग्राहक अब पेट्रोल पंपों से एक बार में 400 से 600 लीटर तक डीजल खरीद रहे हैं। इससे सामान्य ग्राहकों के लिए बने पेट्रोल पंपों पर स्टॉक तेजी से कम हो रहा है।

पेट्रोल पंपों पर क्यों बढ़ा दबाव?

हर पेट्रोल पंप की स्टोरेज क्षमता सीमित होती है और सप्लाई नेटवर्क से दोबारा ईंधन पहुंचने में कम से कम कुछ दिन लग सकते हैं। ऐसे में बल्क ग्राहकों की अचानक बढ़ी मांग से कुछ आउटलेट्स पर डीजल का स्टॉक प्रभावित हुआ है।

इनपुट- PTI

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