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Layoffs: टेक कंपनियों में काम करने वालों के लिए बुरा समय! साल 2026 में इन 4 बड़ी कंपनियों ने की ताबड़तोड़ छंटनी

साल 2026 टेक इंडस्ट्री के कर्मचारियों के लिए काफी मुश्किल साबित हो रहा है। दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों ने लागत कम करने, AI पर फोकस बढ़ाने और बिजनेस स्ट्रक्चर बदलने के नाम पर हजारों कर्मचारियों को नौकरी से बाहर कर दिया है।

टेक कंपनियों में...- India TV Hindi
Image Source : CANVA टेक कंपनियों में ताबड़तोड़ छंटनी

ग्लोबल आईटी और टेक सेक्टर में नौकरी करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए साल 2026 उम्मीदों के विपरीत एक बेहद कठिन समय साबित हो रहा है। सिलिकॉन वैली से लेकर भारतीय आईटी हब तक, दुनिया की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनियों में इस साल ताबड़तोड़ छंटनी का दौर जारी है।

लेऑफ ट्रैकर्स के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, साल 2026 में अब तक 210 से ज्यादा बड़ी टेक कंपनियों ने 1,34,000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस मंदी की मुख्य वजह वैश्विक आर्थिक संकट नहीं, बल्कि कंपनियों द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को प्राथमिकता देना और इंसानी कार्यबल को कम करना है। आइए जानते हैं इस साल बड़े पैमाने पर छंटनी करने वाली 5 सबसे बड़ी कंपनियों के बारे में।

2026 में सबसे बड़ी छंटनी करने वाली दिग्गज कंपनियां

  • ओरेकल: इस टेक दिग्गज ने साल 2026 में अब तक की सबसे बड़ी सिंगल-लेऑफ घोषणा करते हुए अपने क्लाउड और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर डिवीजन से करीब 30,250 से अधिक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है।
  • अमेजन: कॉस्ट-कटिंग और लॉजिस्टिक्स में एआई-संचालित ऑटोमेशन टूल्स का उपयोग बढ़ाने के कारण अमेजन ने विभिन्न विभागों से लगभग 19,100 कर्मचारियों की छंटनी की है।
  • मेटा: मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा ने अपने $145 बिलियन के विशाल एआई इंफ्रास्ट्रक्चर बजट को संतुलित करने के लिए इस साल करीब 16,900 कर्मियों को निकाला है, जिसमें हाल ही में हटाए गए 8,000 लोग भी शामिल हैं।
  • माइक्रोसॉफ्ट: नॉन-कोर प्रोजेक्ट्स को बंद करके पूरी तरह एआई इंजीनियरिंग पर फोकस कर रही माइक्रोसॉफ्ट ने भी इस साल 8,750 से अधिक नौकरियां खत्म की हैं।

भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और H-1B धारकों पर बड़ा संकट

अमेजन, मेटा और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी अमेरिकी कंपनियों में आई इस छंटनी की सबसे गाज वहां काम कर रहे हजारों भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स पर गिरी है। अचानक नौकरी जाने के बाद अमेरिका में रह रहे H-1B वीजा धारक भारतीयों के पास कानूनी रूप से देश में रहने और नया स्पॉन्सर ढूंढने के लिए सिर्फ 60 दिनों का बेहद कम समय बचा है, जिससे उनके सिर पर स्वदेश वापसी की तलवार लटक रही है।

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