अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों के लिए मीडियम साइज के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की डिलीवरी का ठेका मिलने पर वो भारत में अपनी उत्पादन क्षमता का विस्तार करेगी। कंपनी के एक सीनियर अधिकारी ने ये जानकारी दी। भारत ने अगस्त में 10.5 अरब डॉलर की लागत से 60 मीडियम साइज के ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की खरीद के लिए टेंडर जारी किया था।
ठेके की दौड़ में 5 भारतीय कंपनियां भी शामिल
इस ठेके की दौड़ में 5 भारतीय कंपनियां- टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL), महिंद्रा ग्रुप, अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और रिलायंस डिफेंस शामिल हैं। इन कंपनियों से इस कार्यक्रम के लिए ग्लोबल एयरक्राफ्ट मैन्यूफैक्चरर्स को साथ लाने की उम्मीद है। लॉकहीड मार्टिन के ग्लोबल बिजनेस डेवलपमेंट एंड स्ट्रेटिजी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डैन टेनी ने कहा, ''टाटा के साथ हमारी लंबे समय से पार्टनरशिप है। वे C-130J एयरक्राफ्ट्स के पार्ट्स और पिछला हिस्सा (एम्पेनेज) बनाती है। ये बहुत मजबूत क्षमता है और मौजूदा बोली के तहत इसका विस्तार किया जाएगा।''
ठेके के लिए TASL ने लॉकहीड मार्टिन के साथ की साझेदारी
डैन टेनी ने कहा, ''हम भारत में उत्पादन और अन्य गतिविधियों के जरिए इस क्षमता का विस्तार करना चाहते हैं।'' TASL ने इस ठेके के लिए लॉकहीड मार्टिन के साथ साझेदारी की है, जबकि महिंद्रा ने ब्राजील की एम्ब्रेयर के साथ हाथ मिलाया है। टेनी ने कहा, ''हम इसे लेकर बहुत उत्साहित हैं। भारत इस विमान और उससे आगे की एडवांस्ड क्षमताओं को डेवलप करने में मदद करने वाला हमारा एक महत्वपूर्ण साझेदार रहा है।''
बोली जीतने पर 12 तैयार एयरक्राफ्ट डिलीवरी के लिए तैयार
उन्होंने कहा कि अगर लॉकहीड मार्टिन और TASL इस बोली में सफल होते हैं, तो इस उत्पादन नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। लॉकहीड मार्टिन ने कहा कि उसके प्रस्ताव में 12 एयरक्राफ्ट तुरंक फ्लाई करने की स्थिति में तैयार करके देने और 48 एयरक्राफ्ट की मैन्यूफैक्चरिंग भारत में करने की योजना शामिल है।
C-130J एयरक्राफ्ट को एडवांस्ड बनाने का भी प्रस्ताव
कंपनी ने भारतीय वायुसेना के मौजूदा 12 C-130J एयरक्राफ्ट को भी इसी मॉडर्न स्टैंडर्ड के हिसाब से एडवांस्ड बनाने का प्रस्ताव दिया है। इससे भारतीय वायुसेना के पास कुल 72 ऐसे एयरक्राफ्ट होंगे, जो एक समान आधुनिक तकनीक से लैस होंगे। भारतीय वायुसेना के मौजूदा C-130J एयरक्राफ्ट्स ने 58,000 से ज्यादा उड़ान घंटे पूरे कर लिए हैं। इनका इस्तेमाल लद्दाख में ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभियान, नेपाल में बाढ़ के दौरान मानवीय सहायता मिशन और 2023 में सूडान से भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए किया गया था।
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