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इस राज्य में है सबसे लंबी रेलवे सुरंग, पहाड़ों के नीचे दौड़ेगी ट्रेन, 14.58 KM लंबी Tunnel-8 ने बनाया रिकॉर्ड

भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। देश की सबसे लंबी रेलवे सुरंग ‘टनल-8’ बनकर तैयार हो चुकी है। करीब 14.58 किलोमीटर लंबी यह सुरंग इंजीनियरिंग का शानदार उदाहरण मानी जा रही है।

भारत की सबसे लंबी...- India TV Hindi
Image Source : CANVA भारत की सबसे लंबी रेलवे टनल

भारतीय रेलवे ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ों को चीरते हुए भारत की सबसे लंबी रेल सुरंग Tunnel-8 बनकर तैयार हो गई है। यह सुरंग न केवल आधुनिक इंजीनियरिंग की एक अद्भुत मिसाल है, बल्कि देवभूमि की कनेक्टिविटी को एक नई दिशा देने वाली जीवनरेखा भी साबित होगी।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि महत्वाकांक्षी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन प्रोजेक्ट के अंतर्गत हासिल की गई है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य हिमालय की पहाड़ियों में रेल नेटवर्क का विस्तार करना है। Tunnel-8 इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे महत्वपूर्ण और सबसे लंबी सुरंग है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 14.58 किलोमीटर है। इतनी लंबी सुरंग का निर्माण कर भारतीय रेलवे ने एक नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।

आधुनिक टेक्नोलॉजी का कमाल

हिमालय जैसी कच्ची पहाड़ियों में इतनी लंबी सुरंग बनाना आसान काम नहीं था। इसके लिए दुनिया की सबसे बेहतरीन और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। विशालकाय TBM (टनल बोरिंग मशीन) के जरिए पहाड़ों की सटीक खुदाई की गई। वहीं, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में सुरंग को मजबूती देने के लिए NATM तकनीक का सहारा लिया गया।

चारधाम यात्रा होगी आसान

इस सुरंग के तैयार होने का सबसे बड़ा महत्व चारधाम कनेक्टिविटी को लेकर है। अब श्रद्धालुओं के लिए बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सुगम हो जाएगी। यह सुरंग पर्यटन और स्थानीय विकास के द्वार खोलेगी।

यात्रियों को मिलेंगे ये बड़े फायदे

Tunnel-8 के शुरू होने से आम जनता और पर्यटकों को कई सीधे लाभ मिलेंगे। पहाड़ों के घुमावदार रास्तों के बजाय सीधे सुरंग से गुजरने पर यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। वहीं, ट्रेन का सफर बस या टैक्सी के मुकाबले अधिक सुरक्षित और आरामदायक होगा। इसके अलावा, बेहतर कनेक्टिविटी से स्थानीय व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

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