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6 घंटे में मेरठ टू प्रयागराज! नमो भारत के बाद गंगा एक्सप्रेसवे से बदलेगी यूपी की रफ्तार, जानिए कितना हुआ काम

उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। मेरठ को नमो भारत और मेट्रो मिलने के बाद अब गंगा एक्सप्रेसवे एक नई बड़ी सौगात बनने जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी यूपी को सीधे पूर्वांचल से जोड़ेगा, जिससे लोगों का सफर पहले से कहीं आसान और तेज हो जाएगा।

गंगा एक्सप्रेसवे का...- India TV Hindi
Image Source : POSTED BY NHAI गंगा एक्सप्रेसवे का कितना काम पूरा हुआ है?

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर एक और बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ताजा प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक, 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण काम लगभग पूरा हो चुका है। नमो भारत और मेरठ मेट्रो के बाद अब यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक की दूरी को 12 घंटे से घटाकर महज 6 घंटे में समेट देगा।

निर्माण पूरा, अब अंतिम चरण की तैयारियां

अधिकारियों के अनुसार, सिविल वर्क शत-प्रतिशत पूरा हो चुका है। फिलहाल साइनबोर्ड, रोड मार्किंग, लाइटिंग और सुरक्षा उपकरणों की फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में है। अलग-अलग सेक्शन पर ट्रायल रन भी शुरू कर दिए गए हैं, ताकि सड़क की क्वालिटी, मोड़ों की स्थिति और सुरक्षा मानकों की जांच की जा सके। शासन स्तर से उद्घाटन की तारीख का इंतजार है और उम्मीद है कि आने वाले महीनों में इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

12 जिलों को जोड़ेगा विकास का नया गलियारा

यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज समेत 12 जिलों को सीधे जोड़ेगा। शाहजहांपुर में बनाई गई हवाई पट्टी इसकी खास पहचान है, जिसका उपयोग आपात स्थिति में वायुसेना के विमानों की लैंडिंग के लिए किया जा सकेगा। साथ ही, एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर, वेयरहाउस और फूड प्रोसेसिंग यूनिट विकसित करने की योजना है, जिससे स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की उम्मीद है।

हाईटेक सुरक्षा और ग्रीन मॉडल

एक्सप्रेसवे पर एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) लगाया गया है, जो रियल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा। हर 10 किलोमीटर पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स और एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसे ग्रीन एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया गया है, जिसके दोनों ओर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक वे-साइड एमेनिटीज (WSA) भी तैयार की जा रही हैं।

6 घंटे में पूरा होगा सफर

फिलहाल मेरठ से प्रयागराज पहुंचने में 11-12 घंटे लगते हैं, लेकिन 100–120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाले इस एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह सफर आधा रह जाएगा। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी।

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