आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रफ्तार जिस तेजी से दुनिया बदल रही है, उतनी ही तेजी से अब यह इंसानों की नौकरियों पर भी भारी पड़ने लगी है। टेक दिग्गज Meta ने अपने AI डिवीजन में बड़ा फेरबदल करते हुए लगभग 600 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। कंपनी के इस कदम ने सिलिकॉन वैली में एक बार फिर से छंटनी की लहर को हवा दे दी है।
दरअसल, Meta अपने AI विभाग की पुनर्गठन प्रक्रिया से गुजर रही है। कंपनी का कहना है कि उसके लंबे समय से चल रहे AI प्रोजेक्ट्स ज्यादातर ब्यूरोक्रेटिक (bureaucratic) हो गए थे, जिससे निर्णय लेने की गति धीमी पड़ रही थी। इस वजह से Meta ने अपने पुराने FAIR AI रिसर्च यूनिट और AI प्रोडक्ट एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर टीम्स में कटौती का फैसला लिया है।
Meta के चीफ AI ऑफिसर का बयान
Meta के चीफ AI ऑफिसर एलेक्ज़ांडर वांग ने एक इंटरनल मेमो में कहा कि हमारी टीम को छोटा करने से निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी। अब हर सदस्य के पास ज्यादा जिम्मेदारी और असरदार भूमिका होगी। वांग ने यह भी जोड़ा कि प्रभावित कर्मचारियों को कंपनी के अन्य विभागों में नई भूमिकाओं के लिए आवेदन करने का मौका मिलेगा।
TBD लैब
हालांकि छंटनी के बीच Meta का ध्यान अब अपने TBD लैब पर केंद्रित है। यह नया AI रिसर्च सेंटर है, जो कंपनी के भविष्य के सुपरइंटेलिजेंस मिशन का केंद्र बनेगा। इस लैब के लिए Meta ने हाल ही में OpenAI की रिसर्च साइंटिस्ट अनन्या कुमार और थिंकिंग मशीन के को-फाउंडर एंड्रू टुलॉक जैसे दिग्गजों को भर्ती किया है।
AI में 15 बिलियन डॉलर का निवेश
Meta इस समय अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर में लगभग 15 बिलियन डॉलर (₹1.25 लाख करोड़) का निवेश कर रही है। कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में नए और असरदार AI मॉडल्स और प्रोडक्ट्स बनाने के लिए टीम का छोटा और तेज़ काम करने वाला (फुर्तीला) होना बहुत जरूरी है।
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