नेशनल हाईवे से गुजरने वाले स्थानीय निवासियों के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने राहत भरी घोषणा की है। सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 में संशोधन करते हुए टोल प्लाजा के पास रहने वाले लोगों के लिए एक नया सालाना रियायती स्थानीय पास शुरू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। मंत्रालय द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, यह नया नियम 1 नवंबर 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएगा। इस कदम से हर रोज टोल बूथ से होकर गुजरने वाले स्थानीय वाहन चालकों की जेब पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ काफी कम हो जाएगा।
नए नियमों के मुताबिक, यदि आपका घर किसी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में है, तो आप रियायती सालाना पास का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए टोल प्लाजा की लोकेशन के आधार पर ₹1,500 या ₹3,000 सालाना फीस देनी होगी। यदि टोल प्लाजा नगर पालिका या स्थानीय नगर सीमा से बाहर है, तो पास की कीमत ₹1,500 होगी, जबकि इन सीमाओं के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए ₹3,000 देने होंगे। फिलहाल ₹360 के मासिक पास के हिसाब से सालाना खर्च ₹4,320 होता है। ऐसे में नए पास से पात्र लोगों को हर साल अधिकतम ₹2,820 तक की बचत हो सकती है।
पास बनवाने के लिए ये शर्तें होंगी जरूरी
सालाना टोल पास बनवाने के लिए कुछ जरूरी शर्तों को पूरा करना होगा। यह सुविधा केवल प्राइवेट और नॉन-कमर्शियल वाहनों के लिए होगी। वाहन पर वैध और चालू FASTag होना अनिवार्य है। यह पास केवल उसी टोल प्लाजा पर मान्य होगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है। इसका इस्तेमाल किसी दूसरे टोल प्लाजा पर नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा, सालाना पास की फीस की हर साल 1 अप्रैल को समीक्षा की जा सकती है और दरों में बदलाव किया जा सकता है।
किन परिस्थितियों में नहीं मिलेगा पास?
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पास उन हाईवे या एक्सप्रेसवे पर लागू नहीं होगा जहां क्लोज्ड यूजर फी कलेक्शन सिस्टम के तहत टोल लिया जाता है। इसके अलावा, यदि स्थानीय निवासियों के आवागमन के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता या सर्विस रोड उपलब्ध है, तो भी यह रियायती पास जारी नहीं किया जाएगा।
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