A
  1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. हाईवे पर टोल नहीं दिया तो खैर नहीं! सरकार ने लागू किया नया नियम, भरना होगा दोगुना जुर्माना

हाईवे पर टोल नहीं दिया तो खैर नहीं! सरकार ने लागू किया नया नियम, भरना होगा दोगुना जुर्माना

अगर आप अक्सर नेशनल हाईवे पर सफर करते हैं, तो अब आपको अपनी जेब और टोल पेमेंट को लेकर पहले से ज्यादा सतर्क रहना होगा। केंद्र सरकार ने टोल टैक्स वसूली के नियमों में एक बड़ा बदलाव करते हुए नेशनल हाईवे फीस (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 को हरी झंडी दे दी है।

टोल चोरी पर सरकार का...- India TV Hindi
Image Source : ANI टोल चोरी पर सरकार का बड़ा वार!

अगर आप नेशनल हाईवे पर सफर करते समय टोल देने में लापरवाही करते हैं, तो अब सावधान हो जाइए। सरकार ने टोल वसूली को और सख्त और पारदर्शी बनाने के लिए नया नियम लागू कर दिया है। 17 मार्च 2026 से लागू हुए इस नियम के तहत अब टोल नहीं चुकाने पर आपको दोगुना भुगतान करना पड़ सकता है। सरकार ने नेशनल हाईवे फीस (डिटरमिनेशन ऑफ रेट्स एंड कलेक्शन) सेकेंड अमेंडमेंट रूल्स, 2026 लागू किया है। इसके तहत अनपेड यूजर फी यानी बिना चुकाया गया टोल की नई परिभाषा दी गई है। अगर किसी वाहन की एंट्री इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम में रिकॉर्ड हो जाती है, लेकिन टोल का पैसा नहीं मिलता, तो उसे अनपेड टोल माना जाएगा।

ई-नोटिस से होगी वसूली

अब टोल नहीं देने वालों को पकड़ने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसे मामलों में वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजा जाएगा, जिसमें वाहन का विवरण, तारीख, लोकेशन और बकाया राशि की जानकारी होगी। यह नोटिस SMS, ईमेल या मोबाइल ऐप के जरिए भेजा जाएगा और एक ऑनलाइन पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेगा।

समय पर भुगतान किया तो राहत

सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए एक खास प्रावधान भी रखा है। अगर आप ई-नोटिस मिलने के 72 घंटे के भीतर भुगतान कर देते हैं, तो आपको सिर्फ मूल टोल राशि ही देनी होगी। लेकिन अगर तय समय के बाद भुगतान किया, तो आपको दोगुना टोल देना पड़ेगा।

शिकायत का भी मिलेगा मौका

अगर किसी वाहन मालिक को लगता है कि नोटिस गलत है, तो वह 72 घंटे के अंदर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकता है। सरकार को इस शिकायत का निपटारा 5 दिनों के भीतर करना होगा। अगर ऐसा नहीं होता, तो वह जुर्माना अपने आप खत्म हो जाएगा।

15 दिन बाद सख्त कार्रवाई

अगर 15 दिन तक टोल नहीं चुकाया गया और कोई शिकायत भी नहीं की गई, तो यह बकाया राशि वाहन के रिकॉर्ड में दर्ज कर दी जाएगी। इसके बाद गाड़ी से जुड़े कई काम जैसे रजिस्ट्रेशन, ट्रांसफर या अन्य सेवाओं पर रोक लग सकती है।

क्यों जरूरी है यह बदलाव?

सरकार का कहना है कि यह कदम टोल वसूली को पारदर्शी बनाने, नियमों का पालन सुनिश्चित करने और हाईवे सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए उठाया गया है। साथ ही, इससे बैरियर-फ्री टोल सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा।

Latest Business News