दिवाली बीत चुकी है, लेकिन बाजारों की रौनक अभी भी चरम पर है। 2025 में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है जब त्योहार खत्म होने के बाद भी मांग में कोई सुस्ती नहीं आई है। दुकानों, मॉल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री उतनी ही मजबूत है, जितनी दिवाली से पहले थी। शादी का भारी-भरकम सीजन, केंद्र सरकार की टैक्स कटौती और ठिठुरन भरी ठंड की शुरुआती दस्तक ने इस साल की फेस्टिव डिमांड को नया बुलंदी दी है। कंपनियों का कहना है कि मांग 10-20% तक बढ़ी है, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहद मजबूत संकेत है।
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स, लाइफस्टाइल इंटरनेशनल, हायर, टाइटन, रेमंड लाइफस्टाइल, एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस और कल्याण ज्वैलर्स जैसी बड़ी कंपनियों के मुताबिक, इस बार दिवाली के बाद की बिक्री उम्मीद से कहीं ज्यादा है। LG के चीफ सेल्स ऑफिसर संजय चितकारा ने कहा कि इस साल पोस्ट-दीवाली मांग में बिल्कुल भी गिरावट नहीं दिख रही। कंपनी अपने प्लांट्स को 85% क्षमता पर डबल शिफ्ट में चला रही है, जो दर्शाता है कि उत्पादन और मांग दोनों ही तेज हैं।
शादी का मौसम बना सबसे बड़ा गेम-चेंजर
इस साल उत्तर भारत की गर्मियों में कई शादियां भू-राजनीतिक कारणों से टल गई थीं, जो अब दिसंबर-जनवरी में हो रही हैं। नतीजतन, शादी से जुड़ी खरीदारी जैसे कपड़े, ज्वेलरी, होम अप्लायंसेज और गिफ्ट आइटम्स तेजी से बढ़ रही है। लाइफस्टाइल इंटरनेशनल ने बताया कि इस तिमाही में ही 12-14 शुभ मुहूर्त हैं, जिससे मांग लगातार बनी हुई है। वहीं, ज्वेलरी सेक्टर में भी जोरदार बिक्री जारी है। टाइटन और कल्याण ज्वैलर्स ने कहा कि पोस्ट-दीवाली भी बिक्री उसी लेवल पर बनी हुई है, खासकर 3-6% गोल्ड प्राइस में आई कमी के कारण।
टैक्स कटौती ने बढ़ाया लोगों का खर्च करने का मूड
GST और इनकम टैक्स में बड़ी कटौती के बाद ग्राहकों के हाथ में ज्यादा नकद बच रहा है। 99% उपभोक्ता वस्तुओं पर GST घटाया गया है, जिससे घरेलू बजट हल्का हुआ है। वहीं आयकर छूट 12 लाख रुपये तक होने से सैलरी क्लास की खर्च करने की क्षमता बढ़ी है।
ठंड और ग्रामीण मांग में सुधार से भी मिली मदद
नॉर्मल मॉनसून और रिकॉर्ड-निम्न महंगाई ने ग्रामीण आय को संभाला है, जिससे बड़े पैक वाले तेल, चीनी, चावल और मैदा की मांग बढ़ी है। AWL के मुताबिक, नवंबर की बिक्री अक्टूबर से बेहतर है।
Latest Business News