सोशल मीडिया पर इन दिनों एक चौंकाने वाला दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि सिर्फ ₹18,000 का निवेश कर हर महीने ₹19.50 लाख की कमाई! मैसेज में एक प्रमुख राष्ट्रीय न्यूज ब्रांड की नकली वेबसाइट और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम का इस्तेमाल कर इसे सरकार समर्थित योजना बताया जा रहा है। लेकिन क्या वाकई ऐसा कोई स्कीम है? सरकार ने खुद सामने आकर इस दावे की सच्चाई बताई है।
PIB का फैक्ट चेक
वायरल संदेश बढ़ने पर PIB की फैक्ट चेक टीम ने स्पष्ट किया कि यह दावा पूरी तरह फर्जी है। साझा की गई तस्वीर AI से बनाई गई है और न तो वित्त मंत्री और न ही भारत सरकार ने ऐसी किसी निवेश योजना का समर्थन किया है। PIB ने लोगों से अपील की है कि ऐसे लिंक पर क्लिक न करें क्योंकि यह फिशिंग का प्रयास हो सकता है।
सावधान! पर्सनल डिटेल्स साझा न करें
फर्जी विज्ञापनों में अक्सर लोगों से बैंक डिटेल्स, OTP या कार्ड जानकारी मांगी जाती है। PIB ने चेतावनी दी है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर अपनी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें। अगर ऐसा मैसेज मिले तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
CFCFRMS क्या है?
साइबर ठगी की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), गृह मंत्रालय के तहत सिटीजन फाइनेंशियल साइबर धोखाधड़ी रिपोर्टिंग और प्रबंधन प्रणाली (CFCFRMS) चलाया जाता है। यह प्लेटफॉर्म राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस, बैंकों और वित्तीय संस्थानों को एक साथ लाकर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करता है। 1930 हेल्पलाइन पर की गई कॉल संबंधित राज्य की पुलिस तक पहुंचती है, जिससे फंड फ्रीज करने जैसे कदम समय रहते उठाए जा सकें।
फिशिंग, विशिंग और स्पैमिंग क्या हैं?
- फिशिंग: ईमेल या नकली वेबसाइट के जरिए बैंक/कार्ड डिटेल्स चुराना।
- विशिंग: फोन कॉल के जरिए OTP, ATM PIN, नेट बैंकिंग पासवर्ड जैसी जानकारी हासिल करना।
- स्पैमिंग: अनचाहे ईमेल/एसएमएस भेजकर खरीदारी या डिटेल्स साझा करने के लिए उकसाना।
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