आखिर ट्रेनों में सैलून कोच होता क्या है, इसकी बुकिंग कौन और कैसे कर सकता है
भारतीय रेल अपने यात्रियों की जरूरत के आधार पर कई तरह की सुविधाएं देती है। सैलून कोच भी इन्हीं सुविधाओं का ही एक हिस्सा है।

सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुई, जिसमें कुछ लोग ट्रेन में पूजा-अर्चना करते हुए दिखाई दे रहे थे। भारतीय रेल के उत्तर रेलवे ने इस पूरी वीडियो पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया कि एक पार्टी ने 3,08,580 की एडवांस पेमेंट कर सैलून कोच की कमर्शियल बुकिंग कराई थी। उत्तर रेलवे ने ऑपरेशनल व्यवहार्यता के आधार पर, 10 जुलाई को सैलून कोच के कमर्शियल ऑपरेशन के लिए एक नोटिफिकेशन भी जारी किया। आज हम यहां जानेंगे कि ट्रेनों में सैलून कोच होता क्या है, इसकी बुकिंग कौन और कैसे कर सकता है?
सैलून कोच क्या होता है
भारतीय रेल अपने यात्रियों की जरूरत के आधार पर कई तरह की सुविधाएं देती है। सैलून कोच भी इन्हीं सुविधाओं का ही एक हिस्सा है। यात्री की मांग के आधार पर किसी भी रेगुलर ट्रेन में सैलून कोच को अलग से लगाया जाता है। ये एक तरह का चलता-फिरता लग्जरी रूम होता है, जिसमें आपको आरामदायक बेड और सोफे के साथ ही लिविंग और डाइनिंग एरिया भी मिल जाता है। इतना ही नहीं, सैलून कोच में एक छोटा किचन भी होता है, जहां आप अपने परिवार के लिए खाना भी तैयार कर सकते हैं। इसके अलावा, इस स्पेशल कोच में शानदार बाथरूम भी होते हैं। सैलून कोच को लेकर एक खास बात ध्यान में रखनी चाहिए कि ये ट्रेनों में लगाया जाने वाला सामान्य कोच नहीं होता है और इसे मांग के आधार पर ही ट्रेनों के पीछे अलग से जोड़ा जाता है।
कौन और कैसे कर सकता है सैलून कोच की बुकिंग
एक समय पर सैलून कोच का इस्तेमाल सिर्फ रेलवे के टॉप अधिकारी ही करते थे। ये अधिकारी इंस्पेक्शन के लिए ट्रेनों के पीछे लगाए गए सैलून कोच का इस्तेमाल करते थे। हालांकि, बाद में इंस्पेक्शन के लिए सैलून कोच के इस्तेमाल को बंद कर दिया गया। इसके बाद, रेलवे ने कमाई में बढ़ोतरी करने के लिए साल 2018 में सैलून कोच को सभी आम लोगों के लिए शुरू कर दिया। आप चाहें तो अगली बार पूरे परिवार के साथ घर-गांव या घूमने जाने के लिए सैलून कोच बुक कर सकते हैं। हालांकि, इसकी बुकिंग कम से कम 30 दिन पहले करनी होती है।
IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर सैलून कोच की ऑनलाइन बुकिंग कराई जा सकती है। इसके लिए आपको आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर CHARTER TRAIN के विकल्प में जाकर बुकिंग करानी होगी। ध्यान रखें कि सैलून कोच का किराया लाखों रुपये में होता है। इसके लिए आपको सिक्यॉरिटी डिपोजिट के रूप में मोटी रकम भी जमा करनी होती है।
ट्रेन में रुद्राभिषेक की वीडियो वायरल होने के बाद रेलवे ने स्पष्टीकरण में क्या कहा
ट्रेन में पूजा करने वाली वीडियो वायरल होने के बाद उत्तर रेलवे ने इस पर स्पष्टीकरण जारी किया। उत्तर रेलवे का कहना है, "सैलून कोच को IRCTC के जरिए 8, जुलाई को बुक किया गया था। पार्टी ने कमर्शियल बुकिंग के तौर पर 3,08,580 रुपये का एडवांस पेमेंट किया था। सैलून कार को 10 जुलाई को नई दिल्ली से मुंबई की यात्रा के लिए ट्रेन नंबर- 12926, पश्चिम एक्सप्रेस में जोड़ा जाना था। उत्तर रेलवे ने ऑपरेशनल संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए 10 जुलाई को सैलून के कमर्शियल रन का नोटिफिकेशन जारी किया था। रेलवे बिना किसी तरह का समझौता किए यात्रियों की समय-पाबंदी, सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है। सैलून कार में हुई यात्रा से किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई। रुद्राभिषेक करते हुए जो पुजारी दिख रहे हैं, वे पार्टी द्वारा बुक की गई सैलून कार में ही पूजा कर रहे हैं।"
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