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चुनाव खत्म होते ही ₹25 महंगा हो जाएगा पेट्रोल-डीजल? तेजी से वायरल हो रही खबर का सरकार ने बताया पूरा सच

हाल के दिनों में सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि विधानसभा चुनाव खत्म होते ही पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक की बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। इस खबर पर अब सरकार ने इस पर साफ-साफ स्थिति स्पष्ट कर दी है।

पेट्रोल-डीजल महंगा...- India TV Hindi
Image Source : CANVA पेट्रोल-डीजल महंगा होने की खबर निकली फर्जी!

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में जारी विधानसभा चुनावों के बीच सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में एक खबर तेजी से जंगल में आग की तरह फैल रही है। दावा किया जा रहा है कि 29 अप्रैल को चुनाव खत्म होते ही देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹25 से ₹28 तक की भारी बढ़ोतरी होने वाली है। इस खबर ने आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है, लेकिन क्या वाकई ऐसा होने वाला है? अब खुद भारत सरकार ने सामने आकर इस खबर पर साफ-साफ स्थिति स्पष्ट कर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताया है। 

दरअसल, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक कथित रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह दावा किया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $120 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। ऐसे में घरेलू कीमतों और वैश्विक कीमतों के बीच अंतर बढ़ गया है, जिससे भविष्य में कीमत बढ़ाने का दबाव बन सकता है। इसी आधार पर कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी की अटकलें लगाई जा रही थीं।

सरकार ने खबर को बताया 'FAKE NEWS'

जैसे ही यह खबर वायरल हुई, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने तुरंत सक्रियता दिखाई और इसे पूरी तरह फर्जी यानी फेक न्यूज करार दिया। सरकार ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस तरह की बढ़ोतरी का कोई भी प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है। मंत्रालय ने कड़े शब्दों में कहा कि ऐसी खबरें नागरिकों के बीच डर और घबराहट पैदा करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं, जो पूरी तरह भ्रामक और शरारतपूर्ण हैं।

भारत ने बनाया दुनिया में रिकॉर्ड

सरकार ने अपनी सफाई में एक बड़ा तथ्य पेश करते हुए बताया कि भारत संभवतः दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जहां पिछले 4 सालों में अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा नहीं हुआ है। सरकार और तेल कंपनियों ने कई कदम उठाए हैं ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का बोझ सीधे भारतीय नागरिकों पर न पड़े।

क्यों फैलती हैं ऐसी अफवाहें?

अक्सर चुनावी माहौल में इस तरह की अटकलें लगाई जाती हैं कि तेल कंपनियां घाटे की भरपाई के लिए चुनाव के बाद दाम बढ़ाएंगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का $120 के पार जाना इन अफवाहों को और हवा देता है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह जनता को महंगाई से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

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