रिलायंस जियो भारत के इतिहास का सबसे बड़ा इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लाने की फाइनल तैयारियों में जुटा हुआ है, जिसका साइज 30,200 करोड़ रुपये से 37,700 करोड़ रुपये के बीच होने का अनुमान है। खास बात ये है कि इस IPO से मिलने वाली पूरी रकम सीधे जियो में नई पूंजी के तौर पर आएगी, न कि मौजूदा शेयरधारकों को अपना हिस्सा बेचने से मिलने वाली राशि के रूप में। रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल रिलायंस जियो इन्फोकॉम (टेलीकॉम सब्सिडरी) के कर्ज को चुकाने और अन्य सामान्य कॉर्पोरेट कार्यों के लिए किया जाएगा।
भारत की टॉप 4 सबसे वैल्यूएबल लिस्टेड कंपनियों में शामिल हो सकता है जियो
इसके अलावा, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ, LIC और पेटीएम के IPO से कहीं बड़ा होने की उम्मीद है। बाजार में उतरने के बाद, जियो भारत की टॉप 4 सबसे वैल्यूएबल लिस्टेड कंपनियों में शामिल हो सकता है, जहां ये एचडीएफसी बैंक जैसी बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों के साथ खड़ा होगा। जियो प्लेटफॉर्म्स का ये आईपीओ निवेशकों का ध्यान कंपनी के बड़े सब्सक्राइबर बेस, कमाई में हो रही बढ़ोतरी और बढ़ते डेटा खपत को ज्यादा मूल्य वाली डिजिटल सेवाओं के राजस्व में बदलने की क्षमता की ओर खींचेगा।
आकाश अंबानी ने 50 ग्लोबल इंवेस्टर्स से की मुलाकात
IPO से पहले, जियो की टीम ने दुनिया भर में इंवेस्टर्स के साथ कई मीटिंग की हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने 50 ग्लोबल इंवेस्टर्स के साथ अलग-अलग मीटिंग की है। संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने कंपनी में काफी दिलचस्पी दिखाई है। मेटा, गूगल और सऊदी अरब के PIF जैसे वैश्विक निवेशकों ने 2020 में ही जियो में निवेश कर दिया था।
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा
रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विस यूनिट- जियो प्लेटफॉर्म्स 21 अक्टूबर को अपना IPO ला रही है। 'रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस' के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स सब्सक्राइबर संख्या के लिहाज से भारत की सबसे बड़ी मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनी है। मुकेश अंबानी की लीडरशिप वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से लाया जा रहा ये पहला IPO है।
कंपनी ने फिक्स किया प्राइस बैंड
इस आईपीओ में 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 27 करोड़ तक नए शेयर जारी किए जाएंगे। इस आईपीओ में 'ऑफर-फॉर-सेल' (मौजूदा शेयरधारकों द्वारा हिस्सेदारी बेचना) का कोई हिस्सा शामिल नहीं है। ये कंपनी की मौजूदा शेयर पूंजी का लगभग 3 प्रतिशत है। जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर के लिए 1065-1119 रुपये का प्राइस बैंड फिक्स किया है। इससे अपर प्राइस रेंज पर कंपनी करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटा सकती है। इससे ये देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ हो जाएगा।
23 अक्टूबर को बंद होगा आईपीओ
ये आईपीओ शुक्रवार, 23 अक्टूबर को बंद होगा। एंकर इंवेस्टर्स सोमवार, 19 अक्टूबर को इस आईपीओ में बोली लगा सकेंगे। रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो प्लेटफॉर्म्स में 66.43 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जून के अंत तक, रिलायंस जियो इन्फोकॉम के पास 533.3 मिलियन ग्राहक थे, जिनमें से 284.9 मिलियन ग्राहक 5G सर्विस का इस्तेमाल कर रहे थे।
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