करीब तीन साल पहले हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने अडानी ग्रुप के शेयरों में भूचाल ला दिया था। निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए थे और बाजार में भारी घबराहट देखने को मिली थी। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अडानी ग्रुप की कंपनियों ने न सिर्फ उस गिरावट से वापसी की है, बल्कि निवेशकों को शानदार रिटर्न भी दिलाया है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अडानी ग्रुप की नौ लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 19 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद जो करीब 150 अरब डॉलर की वैल्यू खत्म हुई थी, उसका बड़ा हिस्सा अब वापस आ चुका है। बुधवार को ग्रुप की सभी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली।
अडानी टोटल गैस और अडानी पावर ने दिखाई ताकत
सबसे ज्यादा चर्चा अडानी टोटल गैस और अडानी पावर की रही। अडानी टोटल गैस के शेयरों में एक ही दिन में करीब 13 फीसदी की तेजी आई। वहीं अडानी पावर ने 2026 में अब तक लगभग 75 फीसदी की शानदार बढ़त दर्ज की है। कंपनी अब ग्रुप की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल हो चुकी है।
अमेरिका से आई राहत बनी बड़ा कारण
अडानी ग्रुप के शेयरों में तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका से मिली राहत मानी जा रही है। हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग ने गौतम अडानी और सागर अडानी के खिलाफ आपराधिक आरोप वापस लेने का फैसला किया। इसके अलावा कई जांचों के बंद होने से भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
निवेशकों का लौटा भरोसा
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब विदेशी निवेशक भी अडानी ग्रुप पर फिर से भरोसा दिखा रहे हैं। कई बड़े ग्लोबल फंड्स ने ग्रुप की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। निवेशकों को लग रहा है कि भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में तेजी का सबसे बड़ा फायदा अडानी ग्रुप को मिल सकता है।
हिंडनबर्ग विवाद अब पीछे छूटा?
हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप लगातार आरोपों को खारिज करता रहा। भारतीय जांच एजेंसियों को भी अब तक बड़े आरोपों के पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। ऐसे में बाजार में यह धारणा मजबूत हो रही है कि ग्रुप ने सबसे कठिन दौर पार कर लिया है। इसी वजह से अब अडानी शेयरों में फिर से जोरदार खरीदारी देखने को मिल रही है।
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