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भारत के डिफेंस सेक्टर में आया सुनहरा दौर! ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड प्रोडक्शन के बाद Paras Defence और HAL के शेयर बने रॉकेट

देश की रक्षा उत्पादन क्षमता ने वित्त वर्ष 2025-26 में नया इतिहास रचते हुए ₹1.78 लाख करोड़ का रिकॉर्ड स्तर हासिल कर लिया है। इस बड़ी उपलब्धि का असर शेयर बाजार में भी साफ दिखाई दिया, जहां डिफेंस कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।

डिफेंस सेक्टर्स की...- India TV Hindi
Image Source : CANVA डिफेंस सेक्टर्स की कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी!

भारत का डिफेंस सेक्टर अब केवल देश की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि निवेशकों के लिए भी कमाई का बड़ा जरिया बनता जा रहा है। बुधवार को रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों ने शेयर बाजार में डिफेंस कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उत्साह भर दिया। सरकार ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड ₹1.78 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। इस खबर के बाद पारस डिफेंस, HAL, भारत डायनामिक्स और BEL जैसे डिफेंस शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली।

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, भारत का रक्षा उत्पादन FY26 में ₹1.78 लाख करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹1.54 लाख करोड़ के मुकाबले 15.6% अधिक है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि FY21 में देश का रक्षा उत्पादन केवल ₹84,643 करोड़ था। यानी पांच साल में उत्पादन में 110% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।

इस खबर का असर सीधे शेयर बाजार पर दिखाई दिया। पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज का शेयर करीब 12% तक उछल गया। वहीं, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत डायनामिक्स, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) जैसे शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली।

पारस डिफेंस और HAL बने निवेशकों की पहली पसंद

बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा पारस डिफेंस की रही। कंपनी का शेयर एक ही दिन में लगभग 12% चढ़ गया। इसके अलावा HAL के शेयर में भी 3% से ज्यादा तेजी दर्ज की गई। निवेशकों को उम्मीद है कि रक्षा क्षेत्र में बढ़ते सरकारी ऑर्डर और निर्यात के चलते इन कंपनियों की आय और मुनाफा आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ सकता है।

प्राइवेट कंपनियों की बढ़ रही भागीदारी

रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कुल रक्षा उत्पादन में पब्लिक सेक्टर की कंपनियों का योगदान 76% रहा, जबकि प्राइवेट कंपनियों की हिस्सेदारी 24% तक पहुंच गई। खास बात यह है कि प्राइवेट सेक्टर का उत्पादन पहली बार करीब ₹42,000 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है। यह दर्शाता है कि सरकार की मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। प्राइवेट कंपनियां अब रक्षा उपकरणों, मिसाइल सिस्टम, ड्रोन और अन्य अत्याधुनिक तकनीकों के निर्माण में तेजी से भागीदारी बढ़ा रही हैं।

रक्षा निर्यात ने भी बनाया नया रिकॉर्ड

सिर्फ उत्पादन ही नहीं, भारत का रक्षा निर्यात भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया है। FY26 में रक्षा निर्यात बढ़कर ₹38,424 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इससे विदेशी बाजारों में भारतीय रक्षा उत्पादों की मांग बढ़ने का संकेत मिलता है।

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