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Share Market Today: जंग थमी तो भागा शेयर बाजार! सेंसेक्स में 2600 अंकों की तूफानी तेजी, निफ्टी 700 प्वाइंट उछला

ईरान-अमेरिका के बीच सीजफायर के ऐलान ने शेयर बाजार में नई जान फूंक दी है। 8 अप्रैल को शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जहां सेंसेक्स करीब 2600 अंकों की बड़ी बढ़त के साथ खुला, वहीं निफ्टी भी 700 प्वाइंट ऊपर पहुंच गया।

शेयर बाजार में...- India TV Hindi
Image Source : CANVA शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम के समझौते की खबर ने वैश्विक बाजारों के साथ-साथ दलाल स्ट्रीट में भी भारी उत्साह भर दिया है। इस सकारात्मक खबर का असर सुबह बाजार खुलते ही दिखा और भारतीय शेयर बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई। हफ्तों से दबाव में चल रहा बाजार अचानक रफ्तार पकड़ता नजर आया, जहां सेंसेक्स करीब 2600 अंकों की जबरदस्त छलांग के साथ खुला, वहीं निफ्टी भी 700 से ज्यादा प्वाइंट उछल गया। वैश्विक तनाव में कमी के संकेत मिलते ही निवेशकों का भरोसा लौटा और बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली, जिससे पूरे दलाल स्ट्रीट का माहौल एकदम बदल गया।

बुधवार की सुबह जैसे ही बाजार खुला, निवेशकों में खरीदारी की होड़ मच गई। सेंसेक्स 2,696 अंकों की भारी बढ़त के साथ 77,312 के लेवल पर पहुंच गया। वहीं, NSE निफ्टी भी पीछे नहीं रहा और 767 अंकों की तेजी दिखाते हुए 23,890 के पार निकल गया। बाजार खुलते ही करीब 2,534 शेयरों में तेजी देखी गई, जबकि केवल 166 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

इन शेयरों ने मारी बाजी

आज की इस हरियाली में सबसे ज्यादा फायदा उन कंपनियों को हुआ है जिनका सीधा संबंध तेल या बुनियादी ढांचे से है। तेल सस्ता होने की खबर से इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। इसके अलावा, L&T, श्रीराम फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स और अदाणी एंटरप्राइजेज जैसे शेयर निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल रहे।दूसरी ओर, तेल की कीमतें गिरने से ONGC और कोल इंडिया जैसे शेयरों पर दबाव दिखा और वे लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

क्यों आई बाजार में यह तूफानी तेजी?

इस महा-बढ़त के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक राहत है। ट्रंप के सीजफायर ऐलान के बाद कच्चे तेल के दाम 20% तक गिर गए हैं। चूंकि भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए सस्ता तेल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए किसी बूस्टर डोज से कम नहीं है। इससे महंगाई कम होने और कंपनियों की लागत घटने की उम्मीद जगी है, जिससे निवेशकों का भरोसा अचानक लौट आया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर युद्धविराम की यह स्थिति स्थिर बनी रहती है और ईरान के साथ होने वाली वार्ता सफल रहती है, तो भारतीय बाजार जल्द ही अपने पुराने लाइफ-टाइम हाई रिकॉर्ड्स को भी तोड़ सकता है। फिलहाल, बाजार में चौतरफा खरीदारी का माहौल है और बैंकिंग से लेकर आईटी सेक्टर तक के शेयर हरे निशान में चमक रहे हैं।

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