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Hindi News पैसा बाजार Budget 2026: इनकम टैक्स में राहत या नई छूट? बजट में टैक्सपेयर्स के लिए निर्मला सीतारमण के 5 बड़े ऐलान हो सकते हैं गेमचेंजर!

Budget 2026: इनकम टैक्स में राहत या नई छूट? बजट में टैक्सपेयर्स के लिए निर्मला सीतारमण के 5 बड़े ऐलान हो सकते हैं गेमचेंजर!

यूनियन बजट 2026 से पहले देश के करोड़ों टैक्सपेयर्स की नजरें वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी हैं। बीते कुछ सालों से सरकार का साफ संदेश रहा है कि मिडिल क्लास और सैलरीड टैक्सपेयर्स की जेब में ज्यादा पैसा बचे, ताकि खपत बढ़े और इकोनॉमी को रफ्तार मिले।

बजट 2026 से टैक्सपेयर्स...- India TV Paisa बजट 2026 से टैक्सपेयर्स की उम्मीदें

यूनियन बजट 2026 को लेकर टैक्सपेयर्स की निगाहें एक बार फिर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पर टिकी हैं। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि उसकी प्रायोरिटी मिडिल क्लास और सैलरीड टैक्सपेयर्स की जेब को राहत देने की रही है। 2020 में नई इनकम टैक्स रीजीम की शुरुआत और उसके बाद हर साल उसमें सुधार इसी रणनीति का हिस्सा रहे हैं। पिछले बजट में नई रीजीम के तहत 12 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स-फ्री कर सरकार ने टैक्सपेयर्स को बड़ा तोहफा दिया था। अब सवाल यह है कि बजट 2026 में क्या फिर कोई बड़ा सरप्राइज मिलने वाला है?

1. टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद

एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार सरकार पुरानी टैक्स रीजीम के स्लैब में बदलाव कर सकती है। अभी तक ओल्ड रीजीम में टैक्स स्ट्रक्चर जस का तस बना हुआ है, जबकि नई रीजीम को लगातार अट्रैक्टिव बनाया गया है। कंजम्प्शन बढ़ाने के मकसद से सरकार मिडिल इनकम ग्रुप को राहत देने पर फोकस कर सकती है।

2. TDS रेट्स होंगे कम?

वर्तमान में अलग-अलग ट्रांजेक्शंस पर कई TDS रेट्स लागू हैं, जिससे टैक्सपेयर्स में कन्फ्यूजन रहता है। बजट 2026 में सरकार TDS रेट्स को सरल बनाते हुए इन्हें 2–3 स्लैब तक सीमित कर सकती है, जिससे कंप्लायंस आसान हो जाएगा।

3. ओल्ड रीजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ सकता है

नई रीजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75,000 रुपये कर दिया गया है, जबकि पुरानी रीजीम में यह अभी भी 50,000 रुपये है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार ओल्ड रीजीम में भी स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने का ऐलान कर सकती है।

4. पति-पत्नी के लिए ज्वाइंट टैक्सेशन

आईसीएआई की सिफारिश पर सरकार पति-पत्नी के लिए ज्वाइंट टैक्सेशन सिस्टम लाने पर विचार कर सकती है। इससे परिवार की कुल टैक्स लायबिलिटी कम होगी और टैक्स सिस्टम ज्यादा संतुलित बन सकता है।

5. LTCG टैक्स-फ्री लिमिट में बढ़ोतरी

शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए राहत की खबर आ सकती है। सरकार लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस की टैक्स-फ्री लिमिट को 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर सकती है।

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