नई दिल्ली। देश की प्रमुख निजी बीमा कंपनी एचडीएफसी लाइफ (HDFC Life) ने बुधवार को अपनी भागीदारी बीमा योजना के पॉलिसीधारकों के लिए 2,180 करोड़ रुपये का बोनस देने की घोषणा की है। भागीदार योजना के तहत पॉलिसीधारक कंपनी के मुनाफे में हिस्सा पाने के हकदार होते हैं। यह मुनाफा उन्हें बोनस के रूप में दिया जाता है। मौजूदा 2180 करोड़ रुपये का बोनस पिछले साल के मुकाबले 44 प्रतिशत अधिक है। कंपनी की अप्रैल 2021 में हुई बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। कंपनी के 15.49 लाख पॉलिसीधारक इस बोनस को पाने के पात्र हैं।
एचडीएफसी लाइफ ने एक बयान में कहा कि पात्र भागीदार पॉलिसीधारकों को उनके ‘पार्टिसिपेटिंग फंड’ में सृजित होने वाले अधिशेष में हिस्सा मिलेगा इसके साथ ही हर साल बोनस की घोषणा से उनकी लाभ राशि में वृद्धि होगी। एचडीएफसी लाइफ के प्रबंध निदेशक और सीईओ विभा पादलकर ने कहा कि अपने पॉलिसीधारकों के लिए बोनस की घोषणा करते हुए हमें खुशी हो रही है। कंपनी अपने पालिसीधारकों को वित्तीय उत्पाद और सेवाओं के मामले में सबसे बेहतर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
2180 करोड़ रुपये की कुल राशि में से 1438 करोड़ रुपये का भुगतान चालू वित्त वर्ष में पॉलिसीधारकों को परिपक्व पॉलिसियों पर बोनस या नकद बोनस के रूप में किया जाएगा। शेष बोनस राशि का भुगतान भविष्य में किया जाएगा, जब पॉलिसी परिपक्व/मृत्यु दावा/सरेंडर होगी। एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड एक सूचीबद्ध जीवन बीमा कंपनी है, जो एचडीएफसी लिमिटेड और स्टैंडर्ड लाइफ अबेरदीन द्वारा प्रवर्तित है। वर्ष 2000 में स्थापित एचडीएफसी लाइफ भारत में एक अग्रणी लॉन्ग-टर्म लाइफ इंश्योरेंस समाधान प्रदाता है।
आवास वित्तीय कंपनियों के लिए ग्राहकों को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण
निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एचडीएफ़सी बैंक के अध्यक्ष दीपक पारेख ने आवास ऋण के नियमों में बदलाव की जरूरत बताते हुए कहा कि समय से पहले कर्ज चुकाने पर कोई दंड/शुल्क न होने से आवास वित्तीय कंपनियों के लिए ग्राहकों को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि परिवर्तनशील ब्याज दर वाले आवास ऋण के पूर्व भुगतान पर किसी शुल्क की व्यवस्था नहीं है। जिससे ऋण लेने वालों को अन्य ऋणदाता कम दर और बढ़ी हुई ऋण राशि के माध्यम से लुभा रहे हैं।
पारेख ने कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट 2020-21 में शेयरधारकों को अपने संदेश में कहा कि आवास ऋण के लिए ग्राहको को जोड़ने में काफी मेहनत और लागत भी लगती है। ग्राहकों को बनाए रखना आवास ऋण कंपनियां के लिए चुनौती भरा काम है। उन्होंने कहा कि ऋणदाता कंपनियां अपने मौजूदा ग्राहकों को अन्य ऋणदाताओं के पास नहीं जाने देना चाहते हैं, जो अक्सर ऋण राशि बढ़ाने के लिए कम ब्याज दरों के माध्यम से उन्हें लुभाते हैं। एचडीएफ़सी बैंक के अध्यक्ष ने कहा कि ऋणों के अधिशेष का हस्तांतरण होने से मात्र एक ही संपत्ति एक कंपनी के पास से दूसरी कंपनी के पास चली जाती है। इससे न तो कर्ज कारोबार का विस्तार होता है और न ही घर खरीदार बढते हैं।
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