धनतेरस पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग अंगूठी, चेन, हार और दूसरे गहने खरीदते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ही डिजाइन और वजन की सोने की ज्वेलरी के लिए अलग-अलग दुकानों पर आपको अलग कीमत चुकानी पड़ सकती है? इसकी बड़ी वजह मेकिंग चार्ज है। ज्वेलरी की कीमत में सोने के भाव के अलावा मेकिंग चार्ज, वेस्टेज और टैक्स भी जुड़ते हैं। ऐसे में अगर आप खरीदारी से पहले कुछ जरूरी बातें समझ लें, तो हजारों रुपये बचा सकते हैं।
क्या होता है मेकिंग चार्ज और कैसे लगता है?
मेकिंग चार्ज वह रकम होती है, जो सोने को गहने का रूप देने, उसकी डिजाइनिंग और कारीगरी के लिए ली जाती है। हर ज्वेलर का मेकिंग चार्ज अलग हो सकता है। आमतौर पर इसे दो तरीकों से वसूला जाता है। पहला, हर ग्राम के हिसाब से एक निश्चित रकम और दूसरा, सोने की कुल कीमत का एक तय प्रतिशत। उदाहरण के लिए, कोई दुकानदार 300 रुपये प्रति ग्राम मेकिंग चार्ज ले सकता है, जबकि दूसरा सोने की कीमत का 12 फीसदी वसूल सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले यह जरूर पूछें कि मेकिंग चार्ज किस आधार पर लगाया जा रहा है।
डिजाइन के हिसाब से बदलता है चार्ज
हर तरह की ज्वेलरी पर एक जैसा मेकिंग चार्ज नहीं लगता। मशीन से बनी साधारण चेन और हल्के डिजाइन वाली अंगूठियों पर आमतौर पर कम चार्ज लगता है। वहीं, हाथ से तैयार किए गए कठिन डिजाइन, टेंपल ज्वेलरी और बारीक कारीगरी वाले हार पर ज्यादा मेकिंग चार्ज देना पड़ सकता है।
सिर्फ कम मेकिंग चार्ज देखकर न खरीदें सोना
कई बार दुकानदार कम मेकिंग चार्ज का ऑफर देते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि गहना सबसे सस्ता मिल रहा है। हो सकता है कि उस दुकान पर सोने का भाव ज्यादा हो या अन्य शुल्क जोड़े जा रहे हों। इसलिए अलग-अलग ज्वेलर्स से केवल मेकिंग चार्ज नहीं, बल्कि पूरे बिल की तुलना करें।
जीरो मेकिंग चार्ज के ऑफर में भी बरतें सावधानी
धनतेरस और दिवाली पर कई ज्वेलर्स जीरो या डिस्काउंटेड मेकिंग चार्ज का विज्ञापन करते हैं। ऐसे ऑफर लेने से पहले पता करें कि यह सभी डिजाइन पर लागू है या केवल चुनिंदा गहनों पर। यह भी पूछें कि वेस्टेज या दूसरे शुल्क तो नहीं लिए जा रहे हैं। इसके अलावा पुराने सोने की बायबैक और एक्सचेंज पॉलिसी भी जरूर समझें।
बिल में इन बातों को जरूर करें चेक
सोने के गहने की अंतिम कीमत में सोने का भाव, शुद्धता और वजन, मेकिंग चार्ज, लागू वेस्टेज, स्टोन की कीमत और GST शामिल हो सकते हैं। खुदरा सोने की ज्वेलरी पर आमतौर पर कुल लेनदेन मूल्य पर 3 फीसदी GST लगता है। इसलिए बिल में हर शुल्क का पूरा ब्योरा जरूर देखें।
पैसे बचाने का आसान तरीका
अगर आपका मकसद कम कीमत में सोना खरीदना है, तो साधारण और मशीन से बने डिजाइन चुनें। वहीं, निवेश के उद्देश्य से खरीदारी कर रहे हैं तो सोने के सिक्के और बार पर भी विचार कर सकते हैं। इन पर आमतौर पर पारंपरिक ज्वेलरी जैसा मेकिंग चार्ज नहीं लगता।
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