कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अधीन आने वाले करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बहुत ही अच्छी खबर आ रही है। नौकरीपेशा लोग अब मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप पर भी EPFO से जुड़ी सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने रविवार को वॉट्सऐप आधारित EPFO सेवाओं की शुरुआत की। श्रम मंत्रालय ने एक बयान में यह जानकारी दी।
मंत्रालय के बयान के अनुसार, इस सुविधा के तहत कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के अंशधारक ईपीएफओ की वेरिफाइड वॉट्सऐप सर्विस के जरिए अपने पीएफ खाते में जमा राशि, पिछले 5 ट्रांजैक्शन और पासबुक देख सकेंगे। EPFO की वॉट्सऐप आधारित सेवाओं का लाभ उठाने के लिए आपको सबसे पहले अपने मोबाइल फोन में 8796441800 नंबर को सेव करना होगा। सेवाओं के लिए आपको इस वॉट्सऐप नंबर पर Hi लिखकर भेजना होगा।
WhatsApp पर EPFO से जुड़ी कौन-कौन सी सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे
- पीएफ बैलेंस चेक
- पासबुक
- पीएफ खाते में हुए आखिरी 5 ट्रांजैक्शन
- PMVBRY से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद
इसके अलावा, यूजर्स को वॉट्सऐप पर व्यक्तिगत मार्गदर्शन भी मिलेगा और प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने में सहायता मिलेगी। इससे रोजमर्रा की सेवाएं मोबाइल फोन पर आसानी से उपलब्ध होंगी और लोगों को ईपीएफओ दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम पड़ेगी।
बंद पड़े ईपीएफ खातों के लिए ऑटो सेटलमेंट की सुविधा भी शुरू
केंद्रीय मंत्री ने ईपीएफओ के 74वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर बंद पड़े (निष्क्रिय) पात्र ईपीएफ खातों के मामलों में ऑटो सेटलमेंट की सुविधा भी शुरू की। इसके तहत आधार से वेरिफाइड ऐसे निष्क्रिय खाताधारकों को अलग से दावा आवेदन जमा करने की जरूरत नहीं होगी, जिनमें 1000 रुपये तक की राशि जमा है।
मंत्रालय के अनुसार, ईपीएफओ पहचान और बैंक खाते का निर्धारित सत्यापन करने के बाद पात्र खातों का निपटान अपने आप शुरू करेगा। इससे पात्र लाभार्थियों को उनकी बकाया राशि दी जा सकेगी। इस सुविधा से करीब 1 लाख खातों को लाभ मिलने का अनुमान है, जिनमें कुल 5 करोड़ रुपये जमा हैं।
EPFO के पास 8 करोड़ से ज्यादा सदस्यों के 32 लाख करोड़ रुपये जमा
समारोह में मांडविया ने कहा कि 74 साल के सफर में ईपीएफओ देश के कामगारों के लिए एक भरोसेमंद संस्था बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि संगठन के प्रति लोगों का भरोसा इस बात से जाहिर होता है कि 8 करोड़ से ज्यादा सदस्यों के योगदान से इसके पास 32 लाख करोड़ रुपये का फंड जमा है। ये ईपीएफओ के कर्मचारियों के समर्पण, कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता से संभव हुआ है।
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