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  4. 60 हजार रुपये महीने सैलरी है तो आप मैक्सिमम कितने लाख का घर ले सकते हैं? एक्सपर्ट ने आसान कैलकुलेशन से समझाया

60 हजार रुपये महीने सैलरी है तो आप मैक्सिमम कितने लाख का घर ले सकते हैं? एक्सपर्ट ने आसान कैलकुलेशन से समझाया

घर खरीदना हर व्यक्ति का सपना होता है, लेकिन सैलरी लिमिटेड हो तो सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आखिर कितना महंगा घर खरीदना सही रहेगा? अगर आपकी सैलरी 60 हजार रुपये प्रति महीना है और आप घर खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है।

60,000 रुपये की सैलरी में...- India TV Hindi
Image Source : CANVA 60,000 रुपये की सैलरी में घर खरीदने का सपना

घर खरीदना हर आम भारतीय का सपना होता है। लेकिन सैलरी लिमिटेड हो और घर के दाम आसमान छू रहे हों, तो यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि आखिर कितना महंगा घर खरीदा जाए ताकि ईएमआई का बोझ ज्यादा न हो और घर के खर्चे व सेविंग्स भी न रुकें। इन्वेस्टमेंट बैंकर और बिजनेस एजुकेटर सार्थक आहूजा ने अपने एक वीडियो में  घर खरीदने के लिए चार फाइनेंशियल रूल्स बताए हैं, जो आपकी सैलरी के हिसाब से सही घर चुनने में मदद कर सकते हैं।

1. घर की कीमत = आपकी सालाना इनकम का 5 गुना

सार्थक आहूजा के मुताबिक, घर खरीदने के लिए सबसे पहला थंब रूल यह है कि उसकी कीमत आपकी सालाना घरेलू इनकम के 5 गुना से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर आपकी सैलरी 60,000 रुपये प्रति महीने यानी सालाना इनकम 7.2 लाख रुपये है, तो आप 36 लाख रुपये तक का घर खरीद सकते हैं।

2. 20-30% रकम डाउन पेमेंट

सार्थक आहूजा कहते हैं कि घर की पूरी कीमत लोन से नहीं चुकानी चाहिए। उनके अनुसार, आपके पास कम से कम 20-30% रकम डाउन पेमेंट के रूप में होनी चाहिए। यानी अगर घर 36 लाख रुपये का है, तो आपके पास 7-10 लाख रुपये डाउन पेमेंट के लिए होनी चाहिए, ताकि लोन की डिपेंडेंसी कम रहे।

3. ईएमआई सैलरी के 35% से ज्यादा नहीं

तीसरा महत्वपूर्ण नियम है कि आपकी मासिक ईएमआई, जो आपकी इन-हैंड सैलरी के 35% से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। 60 हजार रुपये सैलरी के हिसाब से आपकी ईएमआई 21,000 रुपये प्रति महीने से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इससे आपकी बाकी जरूरतें (घर के खर्चे, बच्चों की पढ़ाई, इंश्योरेंस और सेविंग्स) संतुलित रहेंगे।

4. लोन पीरियड 20 साल से ज्यादा नहीं रखें

सार्थक आहूजा कहते हैं कि लोन की अवधि जितनी लंबी होगी, ब्याज का बोझ उतना बढ़ेगा। इसलिए कोशिश करें कि लोन 20 साल या उससे कम अवधि में चुकाया जाए। इससे ब्याज में लाखों रुपये की बचत हो सकती है और जल्दी लोग से मुक्त होने का मौका मिलेगा।

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