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न सोना, न शेयर... करोड़पति लोग कहां लगाते हैं पैसा? सीए ने बताया वो सीक्रेट जो बना सकता है आपको अमीर!

अगर आप सोचते हैं कि अमीर बनने के लिए शेयर बाजार या क्रिप्टो में निवेश जरूरी है, तो आप गलत हैं। चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) नितिन कौशिक ने भारत के करोड़पतियों की असली वेल्थ मशीन का राज खोल दिया है।

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Image Source : CANVA अमीर लोग अपना पैसा कहां लगाते हैं?

आजकल हर कोई अमीर बनने के आसान तरीके तलाश रहा है। कोई शेयर मार्केट में पैसा लगाता है, तो कोई क्रिप्टो या म्यूचुअल फंड में किस्मत आजमाता है। लेकिन चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) नितिन कौशिक का कहना है कि भारत के सबसे अमीर लोग न तो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव के पीछे भागते हैं और न ही क्रिप्टो की चमक-दमक में फंसते हैं। बल्कि वे उन बोरिंग लेकिन भरोसेमंद जगहों में निवेश करते हैं, जिन पर आम लोग ध्यान ही नहीं देते।

कौशिक के मुताबिक, भारत के अमीर लोग अपनी दौलत पार्किंग लॉट, कोल्ड स्टोरेज, टोल रोड और वेयरहाउस जैसी संपत्तियों से बढ़ाते हैं। ये ऐसे बिजनेस हैं जो हर दिन लगातार पैसा कमाते हैं, चाहे मार्केट ऊपर जाए या नीचे। उन्होंने कहा कि मिडल क्लास जहां आईपीओ या शेयरों में पैसा लगाकर रिस्क लेता है, वहीं अमीर लोग ऐसी संपत्तियां चुनते हैं जिनकी मांग कभी खत्म नहीं होती।

बोरिंग एसेट्स से धमाकेदार कमाई

सीए कौशिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में बताया कि इन बोरिंग एसेट्स से होने वाली कमाई देखकर कोई भी हैरान रह जाएगा। उदाहरण के तौर पर, एक मेट्रो सिटी में मध्यम आकार का पार्किंग लॉट हर महीने 25 से 30 लाख रुपये तक कमा सकता है, जबकि 10,000 वर्ग फीट का कोल्ड स्टोरेज 8 से 12 लाख रुपये महीना किराया दे सकता है। इतना ही नहीं, एक बिजी हाईवे पर बना टोल प्लाजा हर दिन 10 से 15 लाख रुपये तक कमाई कर लेता है। कौशिक का कहना है कि बैंक भी इन बिजनेस को फाइनेंस करने में ज्यादा भरोसा करते हैं क्योंकि इनमें आय का अनुमान लगाना आसान होता है। वहीं, स्टार्टअप्स में निवेश करना जोखिम भरा होता है क्योंकि वहां रिटर्न की कोई गारंटी नहीं रहती।

सीए की टिप्स

सीए ने बताया कि अमीर लोग इन एसेट्स में टैक्स के लिहाज से भी फायदे में रहते हैं। कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस और टोल प्रोजेक्ट्स जैसी इन्फ्रास्ट्रक्चर संपत्तियों पर टैक्स में छूट, डेप्रिसिएशन बेनिफिट और जीएसटी क्रेडिट जैसे फायदे मिलते हैं, जिससे टैक्सेबल इनकम काफी घट जाती है। कौशिक ने मिडल क्लास की पारंपरिक सोच पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि स्कूल सिखाते हैं- डिग्री → नौकरी → ईएमआई → रिटायरमेंट, जबकि अमीर परिवार सिखाते हैं- जमीन → इन्फ्रास्ट्रक्चर → कैश फ्लो → विरासत।

Disclaimer: यह न्यूज सिर्फ जानकारी के लिए है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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