गुजरात और उत्तर भारत के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दो नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इनमें साबरमती (अहमदाबाद)-वाराणसी एक्सप्रेस और साबरमती-बेचराजी-महेसाणा MEMU ट्रेन शामिल हैं। नई एक्सप्रेस ट्रेन से गुजरात और उत्तर प्रदेश के यात्रियों को सीधा रेल संपर्क मिलेगा। वहीं, MEMU सेवा शुरू होने से गुजरात के स्थानीय यात्रियों, रोजाना सफर करने वाले लोगों और धार्मिक स्थलों पर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी।
साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस का पूरा टाइमटेबल
वाराणसी और साबरमती के बीच चलने वाली यह ट्रेन दोनों शहरों के यात्रियों के लिए एक अहम रेल विकल्प होगी। ट्रेन संख्या 12206 वाराणसी-साबरमती एक्सप्रेस वाराणसी जंक्शन से रोजाना शाम 5:30 बजे रवाना होगी और अगले दिन रात 8:15 बजे साबरमती पहुंचेगी। वहीं, वापसी में ट्रेन संख्या 12205 साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस सुबह 5:20 बजे साबरमती स्टेशन से चलेगी और अगले दिन सुबह 6:30 बजे वाराणसी जंक्शन पहुंचेगी।
साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस का ठहराव
साबरमती-वाराणसी एक्सप्रेस का ठहराव महेसाणा जंक्शन, पालनपुर जंक्शन, आबू रोड, फालना, मारवाड़ जंक्शन, ब्यावर, अजमेर जंक्शन, किशनगढ़, जयपुर जंक्शन, गांधीनगर जयपुर, बांदीकुई जंक्शन, मंडावर महवा रोड, खेरली, नदबई, भरतपुर जंक्शन, ईदगाह आगरा जंक्शन, टूंडला जंक्शन, गोविंदपुरी (कानपुर), सूबेदारगंज (प्रयागराज) और मिर्जापुर पर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इस ट्रेन का प्राथमिक रखरखाव वाराणसी में किया जाएगा। इसके लिए तीन एलएचबी रैक आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा गोविंदपुरी, टूंडला और जयपुर में ट्रेन में पानी भरने की व्यवस्था होगी।
9 साल बाद फिर शुरू हुई साबरमती-बेचराजी-महेसाणा MEMU सेवा
प्रधानमंत्री ने साबरमती-बेचराजी-महेसाणा MEMU ट्रेन सेवा भी शुरू की। इस रेल मार्ग पर करीब 9 साल से ट्रेन सेवा बंद थी। गेज परिवर्तन और आधुनिकीकरण का काम पूरा होने के बाद इस रूट पर फिर से रेल संचालन शुरू किया गया है। यह ट्रेन चांदखेड़ा, कलोल, कड़ी, भॉयणी, कटोसन रोड, चाणस्मा और रणुज जैसे स्टेशनों से होकर गुजरेगी। इस सेवा से बेचराजी के औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में आसानी होगी। प्रसिद्ध श्री बहुचर माता मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी इसका लाभ मिलेगा। दोनों रेल सेवाओं की शुरुआत से गुजरात में लंबी दूरी और स्थानीय रेल यात्रा, दोनों को बेहतर बनाने की दिशा में कदम उठाया गया है।
यह भी पढ़ें- दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की पहली वीडियो आई सामने, देखें कोच के अंदर का नजारा
Latest Business News