इंटरप्रेन्योर अंकुर वारिकू ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर कर बताया है कि उन्होंने पांच साल के अंदर कैसे अपनी सैलरी 14750 रुपये महीने से सालाना 33 लाख रुपये तक पहुंचा दी। इस वीडियो में उन्होंने बताया है कि आपको जीवन में किसी की वजह से मौके मिल सकते हैं, लेकिन उन मौकों को भुनाना बेहद जरूरी है। युवाओं को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में कोई भी मौका मिलने पर मेहनत करना बेहद जरूरी है। इसके बिना इंसान अच्छे से अच्छे मौके गंवा देता है।
अंकुर वारिकू ने वीडियो में अपनी पुरानी तस्वीरें, पहली सैलरी स्लिप की फोटो, कॉलेज के दिनों की फोटो और एक बड़ी कंपनी में कंसल्टेंट बनने के बाद की फोटो भी शेयर की है। इसके साथ ही उन्होंने बताया है कि उनके साथ कोई चमत्कार नहीं हुआ, बल्कि अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने सब कुछ हासिल किया।
कैसा रहा अंकुर वारिकू का सफर?
अंकुर वारिकू ने बताया कि वह पढ़ाई करने के लिए अमेरिका गए थे, लेकिन बीच में ही पढ़ाई छोड़कर वापस आ गए। लगभग 45 दिन तक वह नौकरी की तलाश करते रहे। अखबार में निकलने वाले इश्तिहार और अन्य जगहों से जानकारी मिलने पर कई कंपनियों में इंटरव्यू के लिए गए। अंत में एक कंपनी में वह आखिरी राउंड तक पहुंचे। यहां उसने पूछा गया कि वह कितनी सैलरी की उम्मीद करते हैं। वह इसके लिए तैयार नहीं थे, उन्होंने जवाब दिया कि अगर महीने के 10 हजार रुपये भी मिलें तो बहुत होंगे। हालांकि, कंपनी ने उन्हें 15000 रुपये की पेशकश की। वह खुश थे और नौकरी करने लगे।
सहकर्मियों ने बदली सोच
अंकुर की टीम में सभी लोग एमबीए की पढ़ाई किए हुए थे। सभी के पास अपने अनुभव थे और अंकुर को ऐसा लगा कि उन्हें भी एमबीए करना चाहिए। उसी समय पर इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस ने एक साल का एमबीए कोर्स शुरू किया था। हालांकि, यहां पढ़ने के लिए उन्हें लोन लेने की जरूरत थी, जिसकी मासिक ईएमआई 20000 रुपये बन रही थी। उन्होंने खुद से सवाल पूछा कि क्या एमबीए करने पर उन्हें 35 हजार रुपये की मासिक सैलरी मिलेगी। इसमें उनकी मौजूदा सैलरी के 15000 रुपये और 20000 रुपये की ईएमआई शामिल थी, जवाब था हां। ऐसे में उन्होंने आईएसबी से एमबीए करने का फैसला किया।
कॉलेज से मिली अच्छी नौकरी
कॉलेज में उनके साथ पढ़ने वाले सभी लोग दिग्गज थे। कोई सीएम टॉपर था, कोई आईआईटी से पढ़कर आया था तो कोई सेना का बड़ा अधिकारी रह चुका था। उनके पास सीखने के लिए बहुत कुछ था। पढ़ाई के दौरान उन्होंने नौकरी के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। उन्हें पता चला कि कंसल्टेंट की नौकरी सबसे बेहतरीन नौकरी में से एक है। उन्होंने इसकी तैयारी शुरू की। एक कंपनी में उन्होंने इंटरव्यू के दो राउंड पास किए, लेकिन उन्हें ज्यादा उम्मीद नहीं थी। तीसरे राउंड में कंपनी के एमडी से उनकी बातचीत हुई और एमडी उनसे काफी प्रभावित हुए। उन्हें 12 लाख का सालाना पैकेज मिला और वह कॉलेज में सबसे अच्छी नौकरी हासिल करने वाले लोगों में से एक थे।
33 लाख कैसे पहुंचा सालाना पैकेज?
12 लाख सालाना पैकेज वाली नौकरी मिलने के बाद उन्होंने जमकर मेहनत की और खुद को बेहतर बनाते गए। 18 महीने में उन्हें इंक्रीमेंट मिला और उनकी सैलरी बढ़ गई। अंत में जब उन्होंने कंपनी बदली तो वह सालाना 33 लाख रुपये कमा रहे थे। इसके बाद उन्होंने कई अन्य कामों की शुरुआत की और अब देश के जाने-माने इंटरप्रेन्योर बन चुके हैं।
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