1. Hindi News
  2. पैसा
  3. टैक्स
  4. GST अधिकारियों से गिरफ्तारी का अधिकार छीन सकता है काउंसिल, आपराधिक कार्रवाई की सीमा बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने पर भी विचार

GST अधिकारियों से गिरफ्तारी का अधिकार छीन सकता है काउंसिल, आपराधिक कार्रवाई की सीमा बढ़ाकर ₹5 करोड़ करने पर भी विचार

प्रस्तावित बदलाव में टैक्स अधिकारियों से ये शक्ति वापस लेने और किसी भी गिरफ्तारी के लिए न्यायिक मंजूरी जरूरी करने की बात है।

gst, gst council, gst council meeting, goods and services tax- India TV Hindi
Image Source : HTTPSX.COMCGSTRAJKOT 7 अक्टूबर को होगी मीटिंग

जीएसटी काउंसिल टैक्स अधिकारियों से गिरफ्तारी का अधिकार वापस लेने और किसी भी गिरफ्तारी के लिए कोर्ट की मंजूरी अनिवार्य करने के प्रस्ताव पर इस हफ्ते विचार कर सकती है। प्रस्ताव से परिचित लोगों ने ये जानकारी दी। जीएसटी पर फैसला लेने वाली जीएसटी काउंसिल 7 अक्टूबर को होने वाली एक अहम मीटिंग में अभियोजन से जुड़े सुधारों के पैकेज पर भी विचार कर सकती है। इसमें अपराधों के लिए आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करना शामिल है। 

अभियोजन के प्रावधानों का दायरा भी किया जा सकता है सीमित

मामले से परिचित लोगों ने कहा कि अभियोजन के प्रावधानों का दायरा भी सीमित किया जा सकता है, ताकि वस्तुओं या सेवाओं के वर्गीकरण, मूल्यांकन या इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े सामान्य विवादों पर आपराधिक कार्रवाई न हो। ऐसे मामलों में कारोबारी और टैक्स अधिकारी एक ही लेनदेन की अलग-अलग व्याख्या कर सकते हैं। ये प्रस्ताव सरकार के अगली जनरेशन के जीएसटी सुधारों का हिस्सा हैं।

जीएसटी रजिस्ट्रेशन आसान करना, तेजी से रिफंड देना लक्ष्य

सितंबर 2025 में जीएसटी दरों में संशोधन के बाद सुधारों का अगला चरण प्रशासन को आसान बनाने, अनुपालन लागत घटाने और प्रवर्तन को ज्यादा आनुपातिक बनाने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। मामले से परिचित लोगों के अनुसार, विचाराधीन व्यापक पैकेज में जीएसटी रजिस्ट्रेशन आसान करना, तेजी से रिफंड देना, इनपुट टैक्स क्रेडिट की प्रक्रिया आसान करना और कारण बताओ नोटिस और जुर्माने से जुड़े नियमों में बदलाव शामिल हैं। 

किसी भी गिरफ्तारी के लिए न्यायिक मंजूरी होगी जरूरी

प्रवर्तन से जुड़े प्रस्ताव के केंद्र में केंद्रीय जीएसटी अधिनियम की धारा 69 है। इसके तहत निर्धारित कानूनी शर्तें पूरी होने और किसी व्यक्ति के कुछ विशेष अपराध किए जाने के पर्याप्त कारण होने पर कमिश्नर किसी अधिकारी को उसे गिरफ्तार करने के लिए अधिकृत कर सकता है। प्रस्तावित बदलाव में टैक्स अधिकारियों से ये शक्ति वापस लेने और किसी भी गिरफ्तारी के लिए न्यायिक मंजूरी जरूरी करने की बात है। इन बदलावों से सरकार का टैक्स वसूली या वित्तीय दंड लगाने का अधिकार खत्म नहीं होगा । 

निर्धारित टैक्स, ब्याज और जुर्माना देकर किया जा सकता है अपराध का निपटारा

'कंपाउंडिंग' के तहत निर्धारित टैक्स, ब्याज और जुर्माना देकर अपराध का निपटारा किया जा सकता है। कम टैक्स चुकाने या गलत तरीके से इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा करने वालों के खिलाफ टैक्स वसूली और अन्य कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। गंभीर और जानबूझकर की गई कर चोरी या धोखाधड़ी के मामलों में अदालत के जरिये अभियोजन जारी रह सकता है। ये कदम आर्थिक और नियामकीय अपराधों को गैर-आपराधिक बनाने के सरकार के व्यापक प्रयास के अनुरूप भी होगा।

PTI Inputs

ये भी पढ़ें

 Stock Market Today 5 October, 2026: सेंसेक्स 431 और निफ्टी 110 अंकों की तेजी के साथ खुले, बैंकिंग स्टॉक्स में तेजी

Latest Business News